जयपुर: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को कहा कि देश में संविधान बदलने की बात इसलिए हो रही है क्योंकि वे (भाजपा के लोग) लोगों के अधिकार छीनना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दस साल में इतने सारे झूठे वादों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातें अब हल्की लगने लग गई हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश का यह आम चुनाव संविधान को बचाने का चुनाव है। वह बांदीकुई (दौसा) में चुनावी सभा को संबोधित कर रही थीं।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,‘‘मोदी जी यहां आए… मैंने उनका भाषण सुना और सच्चाई यह है कि मुझे उनकी बातें अब हल्की लगने लग गई हैं।
हो सकता है कि शुरू में उनकी इच्छा रही हो कि कुछ करेंगे… लेकिन दस सालों में इतने सारे झूठे वादों के बाद, इतनी सारी बड़ी-बड़ी बातें करने के बाद भी आज देश में रोजगार नहीं है, आज महंगाई इतनी बढ़ रही है… वह वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं। इसलिए मुझे लग रहा है कि उनकी बातें अब हल्की पड़ रही हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘अलग अलग प्रदेशों में इनके कई सांसद… उनके कई पार्टी सदस्य अब कहने लगे हैं कि जब हमारी सरकार आएगी तो हम संविधान को बदलेंगे।
मंच पर मोदी जी संविधान (बचाने) की बातें करते हैं। कल भीमराव आंबेडकर का जन्मदिन था, उन्होंने उनके बारे में खूब बातें कीं, संविधान की बातें की …लेकिन वह अपने लोगों से भी कहते हैं कि तुम जनता के बीच जाओ और बोलो कि हम संविधान को बदलेंगे।’’
उन्होंने संविधान में सबके लिए समान अधिकार होने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘संविधान बदलने की बात कैसे उठती है?
संविधान बदलने की बाद यूं उठ रही है कि ये आपके अधिकारों को छीनना चाहते हैं। ये इस तरह से करना चाहते हैं कि आपको पता भी नहीं चले।’’
भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े के एक बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि “नरेन्द्र मोदी और भाजपा का अंतिम लक्ष्य बाबा साहेब के संविधान को नष्ट करना है।’’
हेगड़े ने अपने कतिपय बयान में कहा था कि पार्टी को संविधान में संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है।
भाजपा ने हेगड़े की टिप्पणी को “व्यक्तिगत राय” करार दिया था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। डॉ. भीमराव आंबेडकर संविधान के मुख्य शिल्पी थे।
लोकसभा चुनाव का जिक्र करते प्रियंका गांधी ने आज कहा,‘‘यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी या भाजपा के बीच चुनाव नहीं है।.. यह अपने देश को बनाने वाला चुनाव है। यह देश का भविष्य तय करेगा।
ये जो संविधान को खत्म करने की बात करते हैं, इससे आपके अधिकार कमजोर होंगे.. आपके अधिकार खत्म होंगे..।
आप अपने लिए जो सब मांगते है, वे आप मांग भी नहीं पायेंगे.. । यह जो वोट है.. क्या पता यह वोट भी वे खत्म न कर डालें..। तो जागरूक रहिये.. यह संविधान आपको बचाता है। आपको अधिकार देता है.. देश को मजबूत बनाता है इसलिये इस संविधान को बचाने का चुनाव है।’’
जनता से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा,‘‘ इस चुनाव में आपको इधर-उधर बिल्कुल नहीं देखना है।
इनकी बातों में बिल्कुल नहीं पड़ना है। आप अपना ध्यान अपने ऊपर रखिए और कहीं नहीं.. किसी नेता पर नहीं.. किसी राजनीतिक दल पर नहीं.. किसी की बातों पर नहीं .. किसी मांस-मछली की बातों पर नहीं.. धर्म की बातों पर नहीं..जाति की बातों पर नहीं ..अपने भविष्य अपना ध्यान रखिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपका भविष्य मजबूत कौन बनाएगा? कौन सा राजनीतिक दल है जिसने काम करके दिखाया है।
इस पर अपना ध्यान रखिए। इस देश को इन लोगों से बचाइए .. यही मेरा आग्रह है.. क्योंकि जो हो रहा, वह गलत हो रहा है।’’
प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी जी की नीतियां हैं आज इन बड़े बड़े उद्योगपतियों के लिए ही बन रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘महंगाई इतनी बढ़ चुकी है।जीएसटी हर चीज पर लगी हुई और ये सब गरीबों के लिए है।
बड़े-बड़े उद्योगपति फल-फूल रहे हैं। उनके कर्ज माफ किए जा रहे हैं। वे कर्ज लेते हैं, बैंक वापस पैसे मांगता ही नहीं।
मोदी जी ने उनको पूरी छूट दे रखी है। बड़े-बड़े उद्योगपतियों का 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज उन्होंने माफ किया है और यहां किसान 10 हजार रुपए के लिए आत्महत्या कर रहा है।’’
चुनावी बॉण्ड योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,‘‘वे खुद चंदा बटोर रहे हैं।
जिस-जिसको इन्होंने ठेका दिया है उससे इन्होंने चंदा लिया है। और आपके लिए -बस पांच किलो का राशन.. ।
क्या लोकतंत्र में यही आपका अधिकार ? आपके रोजगार के लिए इन्होंने क्या किया? … जितने बड़े-बड़े कारखाने थे, इन्होंने अपने बड़े बड़े उद्योगपति मित्रों को दे दिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इस देश के लिए आपके पूर्वजों की तरह मेरे पूर्वजों ने भी जान दी है । मैंने भी अपने पिता की, अपनी दादी जी की शहादत देखी है। आजीवन उन्होंने आपके लिए काम किया। ’’
उन्होंने कहा,‘‘ हमारे जितने भी महापुरुष हुए हैं, जितने भी भगवान रहे हैं उन्होंने सत्ता को त्यागा .. हमने सत्ता को कभी नहीं पूजा, यह हमारा धर्म कभी नहीं रहा है।
चाहे भगवान राम को देखिए, चाहे महाभारत को पढ़िए है। हमेशा हमारी श्रद्धा इस देश में है।’
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