नयी दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन किए जाने के बाद रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘संसद लोगों की आवाज़ है! प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।’’
कांग्रेस ने उद्घाटन समारोह का यह कहते हुए बहिष्कार किया था कि नये संसद का उद्घाटन प्रधानमंत्री के हाथों नहीं बल्कि राष्ट्रपति के हाथों होना चाहिए. राहुल गांधी ने भी इसके समर्थन में आवाज उठाई थी। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी को तानाशाह बताते हुए उद्घाटन किए जाने पर निशाना साधा। रमेश ने 28 मई की तारीख को उद्घाटन के लिए चुनने पर भी हमला बोला और साथ ही इस तारीख का इतिहास भी बताया।
जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा, भारत में संसद लोकतंत्र को सबसे मजबूद करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का अंतिम संस्कार, 1964 में इसी तारीख को किया गया था। साथ ही उन्होंने लिखा, जिसकी विचारधारा ने ऐसा माहौल बनाया जो महात्मा गांधी की हत्या का कारण बना, उन सावरकर का जन्म 1883 में इस तारीख को हुआ था।
रमेश ने आगे लिखा, राष्ट्रपति, जो इस पद पर बैठने वाली पहली आदिवासी हैं, उन्हें अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने नहीं दिया जा रहा है. उन्हें 2023 में नए संसद भवन के उद्घाटन की इजाज़त नहीं दी गई। एक आत्ममुग्ध तानाशाह प्रधानमंत्री, जिसे संसदीय प्रक्रियाओं से नफ़रत है, 2023 में नए संसद भवन का उद्घाटन कर रहा है।







