रांची : जनजातीय गौरव दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर होंगे। वे 14 नवंबर की शाम को ही रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पहुंच जायेंगे। यहां आने के बाद वे रोड शो करेंगे। रोड शो के दौरान वे एयरपोर्ट से राजभवन जायेंगे।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रांची-खूंटी दौरे को लेकर कार्यक्रम स्थलों पर छह आईएएस और पांच आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। प्रधानमंत्री का 14-15 नवंबर को बिरसा मुंडा मेमोरियल रांची, उलीहातु खूंटी और बिरसा कॉलेज मैदान में कार्यक्रम है। कार्यक्रमों के संचालन, प्रोटोकॉल और सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों के अनुसार सभी वरीय अफसर की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल के लिए आईएएस वंदना दादेल, अजय नाथ झा, रणेंद्र कुमार और आईपीएस मुरारीलाल मीणा की प्रतिनियुक्ति की गयी है। इसी तरह बिरसा कॉलेज मैदान खूंटी के लिए आईएएस कृपानंद झा और आईपीएस मनोज कौशिक तथा भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थल उलीहातु के लिए आईएएस प्रवीण टोप्पो और आईपीएस एवी होमकर की प्रतिनियुक्ति की गयी है। खूंटी स्थित कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी के लिए आईएएस जितेंद्र सिंह और आईपीएस अखिलेश झा की प्रतिनियुक्ति की गयी है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर 2000 से ज्यादा पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि राज्य स्थापना दिवस यानी 15 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी रांची और खूंटी में चार स्थानों पर कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम की सुरक्षा में रांची एयरपोर्ट से लेकर खूंटी तक आईपीएस, डीएसपी सहित 2000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे।
पीएम के कार्यक्रम में सुरक्षा के साथ-साथ दूसरे इंतजामों में कोई कमी न रह जाये, इसके लिए झारखंड पुलिस अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। रांची और खूंटी के सभी कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा को लेकर एसपीजी से लेकर राज्य पुलिस मुख्यालय ने मिलकर तैयारी की है। बीते 11 नवंबर को एसपीजी की टीम में रांची एयरपोर्ट और खूंटी के दोनों कार्यक्रम स्थलों का जायजा भी लिया। कार्यक्रम स्थल को छह जोन में बांटा गया है।
हर जोन में सुरक्षा के प्रभार आईपीएस अधिकारियों के जिम्मे है। आपातकालीन स्थिति के लिए प्रधानमंत्री के लिए दो कारकेड की भी व्यवस्था गयी है। कारकेड में बुलेट प्रूफ वाहन रहेंगे। मंच से हेलीपैड तक जाने के रास्ते को जोन पांच में रखा गया है। यह जोन नो मैंस लैंड की तरह होगा। इस रास्ते पर किसी को आने की इजाजत नहीं होगी।








