राष्ट्रपति ने इमरजेंसी को बताया काला अध्याय [President called emergency a dark chapter]

IDTV Indradhanush
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नई दिल्ली, एजेंसियां। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ओम बिरला के बाद इमरजेंसी को याद करते हुई बड़ी बातें कहीं।

संसद में अपने अभिभाषण के दौरान गुरुवार को राष्ट्रपति ने इमरजेंसी को लेकर कहा कि आने वाले कुछ महीनों में भारत एक गणतंत्र के रूप में 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है।

भारत का संविधान हर बीते दशकों में हर चुनौती हर कसौटी पर खरा उतरा है। जब संविधान बनाया जा रहा था तब भी दुनिया में ऐसी ताकतें थीं जो भारत के असफल होने की कामना कर रही थीं।

देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर अनेक बार हमले हुए। आज 27 जून है। 25 जून 1975 को लागू हुआ आपातकाल संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय था।

तब पूरे देश में हाहाकार मच गया था। लेकिन ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर देश ने विजय प्राप्त करके दिखाया। क्योंकि भारत के मूल में गणतंत्र की परंपराएं रही हैं।

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