नई दिल्ली: निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश कर दिया है। जैसी कि उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के पहले का बजट है, तो लोकलुभावन होगा, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। नौकरीपेशा लोग भी इस पर टकटकी लगाए बैठे थे।
लोकसभा चुनाव से पहले के इस बजट से उम्मीदें भी बहुत ज्यादा थीं। लेकिन, उ ऐसा कुछ नहीं हुआ। सीतारमण ने कब बजट भाषण पढ़ना शुरू किया और कब खत्म हो गया, पता ही नहीं चला। नौकरीपेशा लोग टैक्स स्लैब में जिस कटौती की आस लगाए बैठे थे, वह अधूरी ही रह गई।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करते हुए सीतारमण कोई भी बड़ा ऐलान नहीं किया। सरकार की उपलब्धियां गिनाने पर ही उनका फोकस रहा। गुरुवार को उन्होंने अपना सबसे छोटा बजट भाषण दिया।
उम्मीद थी कि वह अंतरिम बजट में कुछ बड़ा धमाका करेंगी। इंडिविजुअल इनकम टैक्सपेयर्स टैक्स स्लैब में कटौती तय मान रहे थे। पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
वित्त मंत्री ने सस्टेनेबल ग्रोथ पर फोकस रखा। किसी बड़ी जनकल्याणकारी योजना का ऐलान नहीं किया। रोजगार में बढ़ोतरी के लिए भी कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। मोदी सरकार ने इस बजट के जरिए ये बताने की कोशिश की है कि वह लोगों को लुभाने के लिए बजट को चुनावी हथकंडा नहीं बनाएगी।
बजट की बड़ी बातें
1. आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया।
2. कॉर्पोरेट टैक्स की दर को 22% से घटाकर 21% करने की घोषणा की गई।
3. कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
4. फसल बीमा योजना का विस्तार किया गया।
5. किसान क्रेडिट कार्ड के लिए लोन सीमा को बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये किया गया।
6. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई घोषणाएं की गईं।
7. स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया।
8. डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने के लिए कई घोषणाएं की गईं।
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