श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को जम्मू दौरे पर हैं। उन्होंने यहां आज AIIMS का उद्घाटन किया। 2019 में इसकी आधारशिला भी PM मोदी ने ही रखी थी।
इस मौके पर मोदी जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में हुए समारोह में करीब 32 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने जम्मू एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और ‘कॉमन यूजर फैसिलिटी’ पेट्रोलियम डिपो की आधारशिला भी रखी।
इस मौके पर पीएम ने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद, अलगाववाद की आवाजें उठती थीं, अब यहां हर सेक्टर में विकास हो रहा है।
राज्य में अब 12 मेडिकल कॉलेज हैं। घाटी ट्रेन से जुड़ चुकी है। जम्मू-कश्मीर देश का ऐसा राज्य है, जहां दो एम्स बन रहे है
महिलाएं बनेंगी ड्रोन पायलट
मोदी ने कहा कि आप लोगों ने नमो ड्रोन दीदी के बारे में सुना होगा। महिलाओं को ड्रोन पायलट बनाया जाएगा।
एक महिला को साइकिल चलाना नहीं आता था और आज ट्रेनिंग के बाद ड्रोन पायलट बनकर जा रही है। इन ड्रोन से खेती-बागवानी में मदद होगी। हजारों स्वसहायता समूहों को लाखों रुपए के ड्रोन दिए जाएंगे।
बंद और हड़ताल गायब, आज चहल-पहल है
प्रधानमंत्री ने कहा कि 370 जाने के बाद आज मैंने हिम्मत के साथ देशवासियों को कहा है कि अगले चुनाव में भाजपा को 370 दीजिए और एनडीए को 400 पार कर दीजिए। सब मिलकर आगे बढ़ेंगे।
यहां जो लोग दशकों तक अभाव में जी रहे थे, उन्हें भी आज सरकार के होने के एहसास हुआ है। आज गांव-गांव में एक नई राजनीति की लहर चल पड़ी है।
भ्रष्टाचार-तुष्टिकरण के खिलाफ नौजवानों ने बिगुल फूंक दिया है। हर नौजवान अपना भविष्य खुद लिखने के लिए निकल पड़ा है।
जहां पर बंद और हड़ताल का सन्नाटा रहता था, वहां जिंदगी की चहल-पहल दिख रही है। पहले की सरकारों ने यहां रहने वाले हमारे फौजी भाइयों तक का सम्मान नहीं किया।
पहले की सरकारी वन रैंक-वन पेंशन भाजपा ने लागू किया। जम्मू के ही पूर्व सैनिकों को 1600 करोड़ से ज्यादा मिला।
जब सरकार संवेदनशील और आपकी भावनाएं समझने वाली हो तो ऐसी ही तेज गति से काम करती है। जम्मू-कश्मीर के सामान्य जन को भरोसा मिला है।
मोदी ने कहा कि आज हम एक नया जम्मू-कश्मीर बनते हुए देख रहे हैं। प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी दीवार 370 की थी।
आर्टिकल 370 को भाजपा की सरकार ने हटा दिया है। अब जम्मू-कश्मीर संतुलित विकास की ओर बढ़ रहा है।
मोदी ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब स्कूल जलाए जाते थे, और आज स्कूल सजाए जाते हैं। आज जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है।
2014 से पहले मेडिकल कॉलेज की संख्या सिर्फ 4 थी, आज यहां 12 मेडिकल कॉलेज हैं। 2014 में एमबीबीएमस की 500 सीटों के मुकाबले 1300 से ज्यादा सीटें हैं।
जम्मू-कश्मीर देश का ऐसा राज्य है, जहां दो एम्स हैं। आजादी के बाद अनेक दशक तक दिल्ली में ही एक एम्स हुआ करता था, गंभीर बीमारी के लिए इलाज के लिए आपको दिल्ली जाना पड़ता था।
मैं आपको यहां जम्मू में ही एम्स की गारंटी दी थी। ये गारंटी पूरी कर दिखाई है। 10 साल में देश में 15 नए एम्स स्वीकृत हुए हैं।
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