Pitru Paksha :
नई दिल्ली, एजेंसियां। पितृ पक्ष 2025 इस साल 7 सितंबर से 21 सितंबर तक मनाया जाएगा। यह अवधि हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान परिवारजन श्राद्ध, तर्पण और ब्राह्मण भोज का आयोजन करते हैं। मान्यता है कि सही विधि और श्रद्धा से किए गए कर्मकांड से पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है और परिवार को आशीर्वाद देती है।
किन चीजों से करें परहेज?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध के दिन भोजन में कुछ सब्जियों और दालों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। खासतौर पर बंदगोभी और कुम्हड़ा (लौकी/कद्दू) की सब्जी को वर्जित माना गया है। कहा जाता है कि पितर इनका सेवन नहीं करते और ऐसी स्थिति में वे अतृप्त होकर लौट जाते हैं, जिससे परिवार पर दोष लग सकता है।
और किन चीजों का त्याग करें?
अश्विन माह के पितृ पक्ष में शकरकंद, मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर, अरबी और सूरन जैसी जड़ वाली सब्जियां नहीं खानी चाहिए।
दालों में चने की दाल, सत्तू, मसूर और उड़द की दाल भी वर्जित हैं।
श्राद्ध भोज में प्याज और लहसुन का प्रयोग न करें।
भोजन बनाने के नियम
श्राद्ध भोजन हमेशा स्वच्छता से, स्नान करने के बाद, बिना जूते-चप्पल पहने बनाना चाहिए। माना जाता है कि शुद्ध और सात्विक भोजन से ही पितरों को संतोष और शांति मिलती है।
इसे भी पढ़ें
पितृ पक्ष में भूलकर भी न खरीदें ये सामान, नाराज हो जाएंगे आपके पूर्वज














