कोलकाता: सिख समुदाय के करीब 200 लोगों ने एक आईपीएस अधिकारी के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए बुधवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी का आरोप है कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें ‘खालिस्तानी’ कहा था।
एक बुजुर्ग सिख ने कहा, ‘हम सभी देशभक्त भारतीय हैं, कोई भी हमारी देशभक्ति, हमारे बलिदान और देश के प्रति हमारे प्रेम पर सवाल नहीं उठा सकता है।
हमारे धार्मिक अधिकार के रूप में पगड़ी पहनने पर किसी सिख को खालिस्तानी क्यों कहा जाना चाहिए? हम इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग करते हैं।’’
शुभेंदु अधिकारी को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि जाने से रोकने के लिए आईपीएस अधिकारी को तैनात किया गया था।
पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में भी सिख समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ की निंदा की।
शुभेंदु अधिकारी ने लगाए गए आरोपों को खारिज किया और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर संदेशखालि मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
संदेशखालि में पिछले दिनों लोगों ने प्रदर्शन किए हैं, जहां स्थानीय महिलाओं ने फरार तृणमूल नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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