सावन के बचे 26 दिनों में 11 दिन रुद्राभिषेक के लिए खास [Out of the remaining 26 days of Sawan, 11 days are special for Rudrabhishek]

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सावन कृष्ण पक्ष में 5 और शुक्ल पक्ष में 6 दिन हैं विशेष महत्व वाले

रांची। बाबा भोलेनाथ की आराधना का प्रिय माह सावन का आगमन 22 जुलाई को पहली सोमवारी के साथ आरंभ हो गया है। दुर्लभ संयोग में आरंभ हुआ सावन इस बार 29 दिन का है।

सावन में जलाभिषेक करते हुए महादेव की आराधना की जाती है। साथ ही श्रद्धालु रुद्राभिषेक भी करते हैं। सावन का हर दिन रुद्राभिषेक के लिए खास माना गया है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन में हर दिन रुद्राभिषेक का अपना महत्व है, लेकिन इस साल 11 दिन रुद्राभिषेक का विशेष मुहूर्त है।

पंडित रमेश द्विवेदी के अनुसार इस वर्ष श्रावण मास का 3 दिन बीत चुका है। अब 26 दिन शेष रह गए हैं। इसमें कृष्ण पक्ष में 5 दिन और शुक्ल पक्ष में 6 दिन रुद्राभिषेक के लिए बहुत ही खास है।

संबंधित तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

इन तिथियों में रुद्राभिषेक महत्वपूर्ण

तिथि पंचांग तिथिः

25 जुलाई चतुर्थी, 28 जुलाई अष्टमी, 31 जुलाई एकादशी, 1 अगस्त द्वादशी, 4 अगस्त अमावस्या, 6 अगस्त द्वितीया,
9 अगस्त पंचमी, 13 अगस्त नवमी, 16 अगस्त एकादशी एवं
17 अगस्त त्रयोदशी।

इस वर्ष के सावन की हर सोमवारी में विशेष योगः

सावन में सोमवारी का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं। पंडित द्विवेदी के अनुसार 22 जुलाई को पहली सोमवारी पर प्रीति योग, आयुष्मान येाग व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना था।

29 जुलाई को दूसरी सोमवारी पर वृद्धि योग का संयोग रहेगा जो सुयोग माना गया है। 5 अगस्त को तीसरी सोमवारी के दिन जय योग रहेगा। 12 अगस्त को चौथे सोमवारी के दिन एंद्र योग का संयोग बन रहा है।

19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन अंतिम सोमवारी पर सौभाग्य योग व सर्वार्थ सिद्धि का योग रहेगा। इस तरह सावन की समाप्ति पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बहुत अच्छा है।

ऐसे में शिव मंदिरों में सोमवारी को विशेष अनुष्ठानों का दौर चल रहा है।

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