Operation Kagar: ऑपरेशन कगार’ से घबराये नक्सली, सीजफायर और शांति वार्ता की पेशकश [ Naxalites are scared of ‘Operation Kagar’, offer ceasefire and peace talks]

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Operation Kagar:

रायपुर, एजेंसियां। नक्सलियों ने एक बार फिर सरकार से सीजफायर और शांति वार्ता की पेशकश की है। उन्होंने प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में सरकार से सीजफायर और शांति वार्ता की गुहार लगायी है। साथ ही छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा से बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने की बात भी कही गयी है।

Operation Kagar: एक सप्ताह में दूसरी पेशकशः

नक्सलियों ने सप्ताहभर के अंदर दूसरी बार शांतिवार्ता के लिए सरकार के सामने अपनी बात रखी है। नक्सली लीडर रूपेश ने पर्चा जारी कर कहा कि हम पूर्ण युद्धविराम कर देंगे, लेकिन सरकार साथ दे। सरकार की तरफ से सकारात्मक संकेत मिलते ही पूर्ण युद्धविराम अमल में आएगा।
इसके पहले भी नक्सलियों के प्रवक्ता ने प्रेसनोट जारी कर शांति वार्ता के लिये आग्रह किया था। नक्सलियों की उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो प्रभारी रूपेश ने इस बार इस प्रेस नोट को जारी किया है।

Operation Kagar: क्या है मामला :

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के दो दिन पहले नक्सलियों के शांति वार्ता का प्रस्ताव सामने आया था। सुरक्षाबलों की आक्रामकता को देखते हुए उन्होंने सरकार से ऑपरेशन रोकने का आग्रह किया था। माओवादियों ने शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी थी। नक्सलियों ने इसे लेकर एक प्रेस नोट जारी किया था।

पिछली बार यह प्रेस नोट सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किया था। इसके जरिए नक्सलियों ने शांति वार्ता की मांग की है। उन्होंने भारत सरकार से ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने का आग्रह किया गया है। उनका दावा है कि, इस ऑपरेशन के नाम पर आदिवासी समुदायों के खिलाफ काफी हिंसा हुई है। वे सुरक्षा बलों की वापसी और आतंकवाद विरोधी अभियानों को रोकने की मांग करते हैं।

Operation Kagar: नक्सलियों की शर्तों पर फैसला नहीः

नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखीं थी। जिसपर अब तक सरकार द्वारा कोई फैसला नहीं लिया गया है और ना ही कोई बयान जारी किया गया है।

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