अब पाकिस्तान को नहीं मिलेगा रावी नदीं का पानी

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अपने पंजाब की बंजर जमीन होगी हरी-भरी

नई दिल्ली। भारत से रावी नदीं का पानी अब पाकिस्तान नहीं जायेगा। यह पानी अब भारत के पंजाब की बंजर जमीन को हरा-भरा बनायेगा।

साथ ही जम्मू के किसानों को राहत पहुंचायेगा। यानी इस पानी का इस्तेमाल अब भारत करेगा। वर्षों के इंतजार के बाद भारत में बन रहा शाहपुरकंडी बांध तैयार हो गया है।

अब यह पाकिस्तान को जाने वाला रावी नदी का 12 हजार क्यूसेक (प्रति वर्ष) पानी की सप्लाई रोक देगा। इसका सीधा फायदा जम्मू के किसानों को मिलेगा।

साथ ही, पंजाब की बंजर हो रही 37 हजार हेक्टेयर जमीन को भी यह हरा-भरा बनायेगा। केंद्र सरकार के सहयोग से बने शाहपुर कंडी बांध अब रावी नदी का पानी पाकिस्तान नहीं जाने देगा।

रावी नदी का पानी अब हमारी जमीनों को उपजाऊ बनाएगा। इस पानी का उपयोग किसान सिंचाई के लिए करेंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा जम्मू के कठुआ और सांबा जिले में मौजूद 32,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को पहुंचेगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी। इसके बाद रावी, सतलुज और ब्यास तीनों नदियों के पानी पर भारत का अधिकार था।

वहीं सिंधु, झेल और चिनाब नदियों के पानी पर पाकिस्तान का हक है। हालांकि बांध बनने से पहले रावी नदी का पानी बहकर पाकिस्तान जा रहा था।

ऐसे में अब जब रावी नदी पर बांध बनने के बाद उसका पूरा पानी भारत का है और इसका इस्तेमाल भारत सिंचाई और बिजली बनाने में करेगा।

रावी नदी का लगभग 2 मिलियन एकड़ फीट पानी अभी भी माधोपुर के नीचे पाकिस्तान में बिना उपयोग के बह रहा है। इसे अब भारत अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करेगा।

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