इंदौर, एजेंसियां। इंदौर में 1 जनवरी 2025 से एक अनोखा कानून लागू होगा, जिसके तहत भिखारियों को भीख देने पर आपको जेल हो सकती है। यह कदम मध्य प्रदेश प्रशासन ने भिक्षावृत्ति के खिलाफ उठाया है, और इसका उद्देश्य इंदौर को भिखारी मुक्त बनाना है।
केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह पहल 10 बड़े शहरों में शुरू की गई है, जिसमें दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और अन्य शहर शामिल हैं।
क्या कह रहे जिला अधिकारी
इंदौर के जिला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि यह अभियान भिखारियों को रोजगार और आश्रय दिलाने का है। इसके तहत भिखारियों को छह महीने तक सहारा देने का वादा किया गया है।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल को सफल बनाने के लिए स्थानीय निवासियों को सहयोग करना होगा और भिखारियों को भीख देने के बजाय उन्हें आश्रय स्थल भेजना होगा।
सामाजिक कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रशासन ने भिखारियों के लिए शेल्टर हाउस की व्यवस्था की है और उनका उद्देश्य उन्हें काम के अवसर दिलाना है, ताकि वे भीख मांगने की बजाय आत्मनिर्भर बन सकें।
इसे भी पढ़ें


















