देवघर। देवघर में गुरुवार को नवान्न पारंपरिक तरीके से मनाया गया। सबसे पहले सुबह बाबा बैद्यनाथ को नए अन्न का भोग लगाया गया। इसमें नया चावल, घंघरा, दही-दूध, गुड़, चूड़ा सहित विभिन्न प्रकार के सामग्री मिलाकर भोलेनाथ को भोग लगाया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने-अपने घरों में पूजा-अर्चना कर नया अन्न ग्रहण किया।
मंदिर प्रबंधन की ओर से मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष पंचमी के शुभ अवसर पर बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। स्थानीय तीर्थ पुरोहित राजू मिश्रा ने बताया कि बाबा पर शाकल्य के रूप में नए अन्न को चढ़ाया गया। देवघर में ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले बाबा बैद्यनाथ को नए अन्न का भोग लगेगा, इसके बाद ही लोग इसे ग्रहण करेंगे।
किसानों से जुड़ा है यह पर्वः
यह त्योहार मूलतः किसानों के लिए है, जो इस मौसम में धान की उपज करते हैं। अगहन मास में धान तैयार हो जाता है और उसे काटकर खलिहान में लाया जाता है।
धान से चावल और चूड़ा तैयार करने के बाद नवान्न पर उससे पूजा की जाती है। इसके बाद उसे खाया या बेचा जाता है। वहीं, शाम में स्थानीय लोगों के घरों में जड़हन चावल से भात पकाया जाता है और पांच तरह की मौसमी सब्जी मिलाकर घघरघंट बनाया जाता है।
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