Nepal election 5 March voting: नेपाल में 5 मार्च को मतदान, कब तक साफ होगी तस्वीर? EC ने दिया जवाब

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Nepal election 5 March voting:

काठमांडू, एजेंसियां। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नेपाल चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बैलेट बॉक्स एकत्र होने के 24 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष मतदान (FPTP) के नतीजे जारी कर दिए जाएंगे, जबकि आनुपातिक प्रतिनिधित्व (PR) प्रणाली के परिणाम आने में एक से दो दिन का समय लग सकता है। यह जानकारी एक्टिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर राम प्रसाद भंडारी ने दी।

275 सदस्यों के लिए 18.9 मिलियन मतदाता

इन चुनावों में कुल 18.9 मिलियन योग्य मतदाता House of Representatives (HoR) के 275 सदस्यों का चयन करेंगे। इनमें 165 सांसद प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली (First-Past-The-Post) से चुने जाएंगे, जबकि 110 सीटें प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (PR) सिस्टम के तहत आवंटित की जाएंगी। PR प्रणाली के जरिए संसद में अल्पसंख्यक और छोटी पार्टियों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है।

क्या है आयोग का प्लान?

राम प्रसाद भंडारी के अनुसार, बैलेट बॉक्स एकत्र होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी। FPTP प्रणाली के तहत जिन उम्मीदवारों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक वोट मिलेंगे, उन्हें विजेता घोषित किया जाएगा और इनके परिणाम 24 घंटे के भीतर जारी करने की तैयारी है। वहीं PR प्रणाली में पूरे देश में पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर 110 सीटों का आवंटन किया जाएगा, जिसमें तकनीकी गणना और सत्यापन के कारण अतिरिक्त समय लग सकता है।PR सूची में राजनीतिक दलों को महिलाओं, दलितों, जनजातियों, मधेसियों और अन्य वंचित समूहों को अनिवार्य रूप से शामिल करना होता है, ताकि समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

मतदान का समय और सुरक्षा इंतजाम

आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टाराई ने बताया कि काठमांडू वैली से बाहर के इलाकों में बैलेट पेपर पहले ही भेजे जा चुके हैं। काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में भी वितरण कार्य तय समय पर पूरा किया जा रहा है। मतदान 5 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए 2 मार्च की आधी रात से साइलेंस पीरियड लागू होगा। इसके अलावा, मतदान से 72 घंटे पहले नेपाल-भारत सीमा को सील कर दिया जाएगा, ताकि बाहरी हस्तक्षेप या अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
आयोग का दावा है कि इस बार परिणाम समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से घोषित किए जाएंगे, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता को कम किया जा सके।

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