नयी दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि नोटबंदी, जीएसटी और अनियोजित लॉकडाउन के तिहरे झटके ने तमिलनाडु में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के तंत्र को तबाह कर दिया है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भाजपा के केंद्र की सत्ता में आने से पहले तमिलनाडु में फलता-फूलता एमएसएमई क्षेत्र था जिसमें 10 लाख से अधिक इकाइयां थीं, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं रही।
रमेश ने आरोप लगाया कि यह स्थिति एक व्यक्ति द्वारा पैदा की गई है और आज हालत यह है कि लगभग सभी आर्थिक गतिविधियों ठप हो गई हैं और व्यवसाय श्रमिकों को भुगतान करने में असमर्थ हो गए एवं खपत रुक गई है।
रमेश ने कहा, ‘‘अत्यधिक जटिल कर व्यवस्था (जीएसटी) जल्दबाजी में लाई गई थी, जिसमें एमएसएमई पर भारी भरकम फाइलिंग आवश्यकताओं की कोई चिंता नहीं थी।’’
उनका दावा है कि जीएसटी से भी एमएसएमई क्षेत्र को बहुत नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बड़े कॉरपोरेट समूहों के 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए हैं, जबकि एमएसएमई को ऐसी कोई राहत नहीं मिली है।
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