फिल्म रिव्यू: क्रैक जीतेगा तो जिएगा

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विद्युत जामवाल और अर्जुन रामपाल स्टारर फिल्म क्रैक जीतेगा तो जिएगा शुक्रवार 23 फरवरी को रिलीज हुई है।

इस फिल्म की लंबाई 2 घंटे 36 मिनट है। एक्शन ड्रामा इस फिल्म को समीक्षकों ने 5 में से 3.5 स्टार रेटिंग दी है।
लेंथ- 2 घंटे 36 मिनट
रेटिंग- 3.5 स्टार
जॉनर- एक्शन ड्रामा फिल्म
स्टारकास्ट- विद्युत जामवाल, अर्जुन रामपाल, नोरा फतेही और एमी जैक्सन

कहानी:

मुंबई के रहने वाले सिद्धार्थ दीक्षित (विद्युत जामवाल) का सपना है कि वो पोलैंड में हो रहे एक एक्सट्रीम स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा ले।

हालांकि, यह कोई नॉर्मल गेम कॉम्पिटिशन नहीं, बल्कि यहां भाग ले रहे कैंडिडेट्स को विनर बनने के लिए अपनी जान की बाजी लगानी होगी।

सिद्धार्थ के माता-पिता उसे इस गेम में हिस्सा लेने से मना करते हैं, क्योंकि सिद्धार्थ के बड़े भाई ने इसी गेम की वजह से अपनी जान गंवा दी थी।

बावजूद इसके सिद्धार्थ अब इस खतरनाक खेल में भाग लेने पोलैंड निकल जाता है। वहां उसकी मुलाकात अर्जुन रामपाल यानी देव से होती है।

देव इस गेम का ऑर्गेनाइजर है। सिद्धार्थ को वहां जाकर पता चलता है कि उसके बड़े भाई की मौत धोखे से हुई थी। अब सिद्धार्थ अपने भाई के कातिल को ढूंढना शुरू कर देता है।

अभिनय:

हमेशा की तरह विद्युत जामवाल ने अपने एक्शन से प्रभावित किया है। खतरनाक से खतरनाक एक्शन सीक्वेंस को भी उन्होंने बड़ी आसानी से कर दिखाया है।

अर्जुन रामपाल के बारे में भी बात करनी होगी। चेहरे के एक्सप्रेशन से लेकर एक्शन सीक्वेंस तक, उन्होंने कमाल का काम किया है। फिल्म में विद्युत और अर्जुन रामपाल का नेवरसीन एक्शन अवतार देखने को मिला है।

पहली बार अर्जुन रामपाल को इतना इंटेंस एक्शन करते देखा गया है। फिल्म की एक्ट्रेसेस में नोरा फतेही और एमी जैक्सन ने ठीक काम किया है।

यह नोरा की पहली फुल फ्लेज्ड फिल्म है, इसलिए अनुभव की कमी साफ झलकती है।

निर्देशन:

फिल्म के डायरेक्टर आदित्य दत्त हैं। फर्स्ट हाफ काफी हद तक सही रखा है, लेकिन सेकेंड हाफ का पहला कुछ पोर्शन बोरिंग है।

स्क्रिप्ट थोड़ी ढीली है, इस पर थोड़ा और काम करना चाहिए था। डायरेक्टर से ज्यादा फिल्म के स्टंट कोरियोग्राफर की बात होनी चाहिए।

उन्होंने हर एक्शन सीक्वेंस को ऐसा रखा है, जो देखने में बिल्कुल ओरिजिनल लगते हैं। स्टंट कोरियोग्राफर रवि वर्मा को अपने काम के लिए पूरे नंबर मिलने चाहिए। इसके अलावा सिनेमैटोग्राफर मार्क हैमिल्टन का काम भी लाजवाब है।

संगीत:

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर इसकी जान है। फिल्म के सारे एक्शन सीक्वेंस के बैकग्राउंड में बज रहा म्यूजिक थ्रिल पैदा करता है।

ये कानों को बिल्कुल नहीं चुभते, बल्कि एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। फिल्म में एक-दो गाने हैं, जो सोशल मीडिया पर पहले से हिट हो रहे हैं।

फिल्म देखे या नहीं:

टॉप क्लास एक्शन सीक्वेंस देखना चाहते हैं तो इस फिल्म के लिए जा सकते हैं। फिल्म में कुछ ऐसे एक्शन सीन्स देखने को मिलेंगे, जो पहले शायद ही देखे होंगे।

अगर आप गेमिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं, तब भी आप इसे पसंद करेंगे। कहीं-कहीं थोड़ी लॉजिक की भी कमी देखने को मिलती है।

अगर आप ग्राउंड से जुड़ी रियलस्टिक फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है। इस फिल्म को विद्युत जामवाल ने ही प्रोड्यूस भी किया है।

फिल्म में इंटरनेशनल लेवल का एक्शन लेकर आना, अपने आप में काबिल ए तारीफ है। उनके इस प्रयास की तारीफ होनी चाहिए।

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