नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकारों के कार्यकाल में भारत के युवाओं का भविष्य ‘अंधकारमय’ बना दिया गया था जबकि मौजूदा केंद्र सरकार उन्हें उस स्थिति से बाहर निकाल कर लायी।
उन्होंने युवाओं को पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार होने के फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे अनुच्छेद 370 को निरस्त करने व अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार खत्म होता है और वैश्विक स्तर पर भारत की साख भी बढ़ती है।
मोदी ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि आज भारत का नौजवान देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों को समझ रहा है। इसलिए वह भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वह परिवारवाद के खिलाफ है।’’
उन्होंने कहा कि परिवारवाद ऐसी बीमारी है जो देश के युवाओं को आगे बढ़ने से रोकती है। उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा है परिवारवादी पार्टियों में दूसरे युवा कभी आगे नहीं बढ़ पाते। परिवारवादी पार्टियों के नेताओं की सोच युवा विरोधी होती है। इसलिए आपको अपने वोट की ताकत से ऐसी परिवारवादी पार्टियों को हराना है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार होती है तो देश बड़े फैसले लेता है और दशकों से लटकी हुई समस्याओं को सुलझाकर आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाकर दशकों का इंतजार खत्म किया। हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार ने सेना के जवानों के लिए वन रैंक, वन पेंशन लागू कर देश के पूर्व फौजियों का चार दशक का इंतजार समाप्त किया। यह हमारी सरकार है जिसे अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी होने का अवसर मिला। जब पूर्ण बहुमत की सरकार होती है तो नीति और निर्णयों में भी स्पष्टता होती है।’’
मोदी ने कहा कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भारत की साख पर भी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया में भारत की साख नयी ऊंचाई पर है।’’
कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि उसने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘10-12 साल पहले भारत में जिस तरह की परिस्थिति थी, उसने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया था। आज देश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं…आज स्थितियां बदली हैं। आज हर दिन एक नई खबर आती है कि आज इस क्षेत्र में भारत ने नया मुकाम हासिल किया। साल 2014 से पहले की पीढ़ी ने तो इसकी उम्मीद भी छोड़ दी थी।’’
इसे भी पढ़ें
राज्यपाल के बयान से गरमाई सियासत, कहा-CRPF पर प्राथमिकी दर्ज कराना गलत








