जानिए क्या होंगे बदलाव और आम लोगों पर क्या होगा असर
नई दिल्ली: चुनाव आयोग आज दोपहर 3 बजे लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है।
लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही देश में आदर्श आचार संहिता यानी model code of conduct लागू हो जाएगी।
इसके साथ ही सरकार के सामने कामकाज में महत्वपूर्ण बदलाव आयेंगे। आदर्श आचार संहिता शब्द आपने हर चुनाव से पहले जरूर सुना होगा।
लेकिन लोग इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते या जानते भी हैं तो उनके मन में कई तरह के सवाल होते हैं। तो आज हम आपको आसान शब्दों में बताएंगे कि आदर्श आचार संहिता क्या है और इसके लगने से क्या बदलेगा, किन किन चीजों पर लगेगी पाबंदी और सबसे जरूरी की आम लोगों पर इसका क्या असर होगा।
देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग यानी इलेक्शन कमिशन कुछ नियम बनाता है। इन्हीं नियमों को हम आचार संहिता कहते हैं।
लोकसभा/विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है।
देश में लोकसभा के चुनाव हर 5 साल पर होते हैं। चुनाव आयोग के चुनाव कार्यक्रमों का ऐलान करते ही आचार संहिता लागू हो जाती है और चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू रहती है।
आदर्श आचार संहिता लागू होते ही, मंत्री और अन्य सरकारी अधिकारी किसी भी रूप में सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं कर सकते है।
साथ ही वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं कर सकते। इस वक्त किसी भी परियोजना या योजना की घोषणा नहीं की जा सकती है, जिसका प्रभाव सत्ता में पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने वाला हो, और मंत्री प्रचार उद्देश्यों के लिए आधिकारिक मशीनरी का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा, किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा, किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी, किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।
इसके अलावा अगर कोई आम आदमी भी किसी नेता के प्रचार में लगा हैं, तब उनको भी इन नियमों को लेकर जागरूक रहना जरूरी होता है।
क्योंकि ऐसा करते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होती है। उल्लंघन करने पर आपको हिरासत में भी लिया जा सकता है।
दरअसल आदर्श चुनाव आचार संहिता, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इसका मूल उद्देश्य चुनाव को निष्पक्ष और शांति पूर्वक संपन्न कराना है।
इस दौरान चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है। यानी कि सरकारी वाहन और सुविधाओं का इस्तेमाल तो नहीं ही कर सकते, साथ ही किसी सार्वजनिक दीवाल या भवन पर पोस्टर या दीवाल लेखन तक नहीं कर सकते।
हां, की व्यक्ति यदि चाहे तो अपने खुद के घर पर किसी दल का एक झंडा लगाकर उसे समर्थन दे सकता है।
इसके अलावा मतदान केंद्र परिसर में भी चुनाव प्रचार या इसेस जुड़ी किसी सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
इतना ही नहीं, वोट के लिए किसी को भी प्रलोभन देना या गिफ्ट देना या लेना भी अपराध की श्रेणी में आता है। ये कुछ ऐसी बातें हैं, जिन्हें चुनाव से संबंधित लोगों के अलावा आम आदमी को भी जानना जरूरी है।
इसे भी पढ़ें








