हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सदस्य शीर्ष सरकारी पदों पर पहुंच रहे हैं:न्यायमूर्ति गवई

1 Min Read

नयी दिल्ली, एजेंसियां : उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा है कि संविधान की ‘‘सकारात्मक कार्रवाई’’ के कारण हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सदस्य शीर्ष सरकारी पदों तक पहुंचने में सक्षम हुए हैं।

उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि शीर्ष अदालत में उनकी पदोन्नति दो साल पहले की गई थी क्योंकि वहां दलित समुदाय से कोई न्यायाधीश नहीं था।

न्यूयॉर्क सिटी बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक अंतर-सांस्कृतिक परिचर्चा को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि जब उन्हें 2003 में बॉम्बे उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, तो वह एक वरिष्ठ वकील थे और उस समय उच्च न्यायालय में अनुसूचित जाति या दलित समुदाय से कोई न्यायाधीश नहीं था।

इसे भी पढ़ें

उम्मीद है कि भारत में हर किसी के अधिकारों की रक्षा की जाएगी : संयुक्त राष्ट्र

Share This Article
Exit mobile version