गुजरात का मसाली गांव बना देश का पहला बॉर्डर सोलर विलेज [Masali village of Gujarat became the country’s first border solar village]

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अहमदाबाद, एजेंसियां। गुजरात के बनासकांठा जिले का मसाली गांव देश का पहला सीमावर्ती सौर गांव बन गया है। करीब 800 की आबादी वाले इस गांव में सभी 119 घरों पर सोलर रूफटॉप लगाए गए हैं।

1 करोड़ 16 लाख रुपए खर्च हुएः

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 1 करोड़ 16 लाख रुपए खर्च किए गए। इसमें पीएम सूर्यघर योजना के तहत 59.81 लाख रुपए की सब्सिडी, 20.52 लाख रुपए का सार्वजनिक योगदान और 35.67 लाख रुपए का सहयोग CSR यानी ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ के तहत खर्च किए गए।

गांव को 225.5 किलोवाट बिजली मिल रहीः

गांव को अब 225.5 किलोवाट बिजली मिल रही है, जो हर घर की जरूरत के लिए पर्याप्त है। गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों के 17 गांवों को पूर्ण सौर गांव बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इनमें से एक मसाली का काम पूरा हो चुका है।

इससे पहले साल 2022 में गुजरात के मोढेरा गांव को देश का पहला सोलर एनर्जी से चलने वाला गांव घोषित किया गया था। मोढेरा गांव में 1,300 से ज्यादा ग्रामीण घरों में सोलर पैनल लगाए गए हैं।

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