नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता को कुचलने और इसमें कटौती करने का हर संभव तरीका अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि प्रत्येक नागरिक को संविधान, उसके लोकाचार और उसके मूल्यों पर होने वाले हमले पर सवाल उठाना चाहिए। खरगे ने संविधान दिवस पर यह टिप्पणी की।
भारत ने 1949 को आज ही के दिन संविधान को अंगीकार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम 74वां संविधान दिवस मना रहे हैं, तो ऐसे में हम इसके निर्माताओं को अत्यंत श्रद्धा से नमन करते हैं – क्योंकि उन्होंने प्रत्येक भारतीय के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की गारंटी दी।’’ खरगे ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन संविधान प्रदत्त सभी स्वतंत्रताओं को कुचलने और कम करने के लिए हर संभव तरीका इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संविधान पर किया जा रहा ‘‘व्यवस्थित और तीक्ष्ण हमला’’ सरकारी तंत्र में हर कहीं ‘‘बड़े पैमाने पर दुरुपयोग’’ में दिखाई देता है। खरगे ने कहा, ‘‘एक राष्ट्र के रूप में हम जल्द ही उस चरम बिंदु पर पहुंच सकते हैं जहां सामाजिक न्याय और सद्भाव समाप्त हो जाएगा और कमजोर वर्गों के अधिकार धीरे-धीरे छीन लिए जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह विभाजन और नफरत की इस राजनीति के खिलाफ खड़े होने का समय है।
कांग्रेस इस लड़ाई को आगे बढ़कर लड़ रही है।’’ खरगे ने कहा, ‘‘प्रत्येक नागरिक को हमारे संविधान, उसके लोकाचार और उसके मूल्यों पर हमले पर सवाल उठाना चाहिए।’’ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संविधान सभा ने भारत के संविधान को 74 साल पहले औपचारिक रूप से अंगीकार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और उनके ढोल बजाने वाले लोग इसके प्रति अपनी निष्ठा की निश्चित रूप से घोषणा करेंगे। यह तीन आधार पर सरासर पाखंड है।’’







