उपराज्यपाल कार्यालय ने सेवा मामलों से जुड़ी फाइलें दिल्ली सरकार को लौटाईं

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नयी दिल्ली : शहर में नौकरशाहों के तबादलों और नियुक्तियों पर उच्चतम न्यायालय के पिछले सप्ताह के आदेश के मद्देनजर उपराज्यपाल सचिवालय ने दिल्ली सरकार को सेवा मामलों से संबंधित फाइलें वापस कर दी हैं। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक बयान में दिल्ली सरकार ने कहा कि उसे उपराज्यपाल वीके सक्सेना और केंद्र से पूर्ण सहयोग की उम्मीद है, लेकिन मुख्य सचिव व सेवा सचिव अब भी अड़चन डाल रहे हैं और यहां तक कि सेवा सचिव को हटाने के पहले आदेश का अब तक अनुपालन नहीं हुआ है।

दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्य में अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग पर आप सरकार का नियंत्रण दिए जाने के घंटों बाद पिछले हफ्ते मोरे को उनके पद से हटा दिया था। शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया कि दिल्ली की निर्वाचित सरकार के पास सेवाओं से जुड़े विभाग के मामलों पर विधायी और कार्यकारी शक्तियां हैं, जबकि भूमि, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित मामले पूर्व की तरह उप राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में ही रहेंगे।

एक अधिकारी ने कहा, “उप राज्यपाल कार्यालय ने उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के 11 मई के फैसले के अनुपालन में सेवा मामलों से जुड़ी फाइलें आवश्यक कार्रवाई के लिये सरकार को वापस भेज दी हैं।” इन फाइलों में दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों में कर्मचारियों के अनुबंध की अवधि के विस्तार और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के समूह ‘ए’ के एक कर्मचारी के इस्तीफे की स्वीकृति के प्रस्ताव शामिल हैं। इन्हें मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा गया था।

अधिकारी ने कहा, “इन्हें इस टिप्पणी के साथ वापस कर दिया गया है कि उच्चतम न्यायालय के सीबी (संविधान पीठ) के 11 मई के फैसले के आलोक में विभागों को उचित कार्रवाई/आगे की आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी जा सकती है।” दिल्ली सरकार ने कहा कि उसे उपराज्यपाल और केंद्र से पूर्ण सहयोग की उम्मीद है।

उसने कहा, “हम एलजी और केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग की उम्मीद करते हैं। हालांकि, मुख्य सचिव और सेवा सचिव अब भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। सेवा सचिव बदलने का पहला तबादला आदेश अभी तक लागू नहीं हुआ है।” दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने सेवा सचिव आशीष मोरे सहित अधिकारियों के तबादले के आप सरकार के निर्देशों पर विचार करने के लिए मंगलवार को सिविल सेवा बोर्ड (सीएसबी) की बैठक बुलाई थी।

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