दिनांक -29 अगस्त 2024
दिन – गुरूवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद ॠतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी 30 अगस्त रात्रि 01:37 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र – आर्द्रा शाम 04:39 तक तत्पश्चात पुनवसु
योग – सिद्धि शाम 06:18 तक तत्पश्चात व्यतीपात
राहुकाल – दोपहर 02:14 से शाम 03:48 तक
सूर्योदय -05:32
सूर्यास्त- 06:05
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
व्रत पर्व विवरण – अजा एकादशी, व्यतीपात योग (शाम 06:18 से 30 अगस्त शाम 05:47 तक)*
विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने।।
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता हैl
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
आज एकादशी
29 अगस्त 2024 गुरुवार को अज एकादशी है।
यह व्रत सब पापों का नाश करनेवाला है | इसका माहात्म्य पढ़ने व सुनने से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है
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