ll वैदिक पंचांग ll

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दिनांक – 05 जून 2024
दिन – बुधवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी शाम 07:54 तक तत्पश्चात अमावस्या
नक्षत्र – कृत्तिका रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग – सुकर्मा रात्रि 12:36 तक तत्पश्चात धृति
राहुकाल – दोपहर 12:37 से दोपहर 02:18 तक
सूर्योदय-05:07
सूर्यास्त- 06:27
दिशाशूल – उत्तर दिशा में

व्रत पर्व विवरण –

विश्व पर्यावरण दिवस

विशेष – चतुर्दशी व अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

वट सावित्री व्रत मे भूल से भी श्रंगार मे इन रंगो का उपयोग न करे | इस तरह होगी पति की लंबी उम्र

नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए

06 जून 2024 गुरुवार को अमावस्या है।

घर में हर अमावस अथवा हर 15 दिन में पानी में खड़ा नमक (1 लीटर पानी में 50 ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें।

इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं।

अमावस्या

अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)

धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए

हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।

सामग्री : 1. काले तिल, 2. जौं, 3. चावल, 4. गाय का घी, 5. चंदन पाउडर, 6. गूगल, 7. गुड़, 8. देशी कर्पूर, 9. गौ चंदन या कण्डा।

विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की 1-1 आहुति दें।

आहुति मंत्र

  1. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
  2. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
  3. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
  4. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
  5. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

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