ll वैदिक पंचांग ll

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दिनांक – 27 मई 2024
दिन – सोमवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्थी शाम 04:53 तक तत्पश्चात पंचमी
नक्षत्र – पूर्वाषाढा सुबह 10:13 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा
योग – शुभ सुबह 06:37 तक तत्पश्चात शुक्ल
राहुकाल – सुबह 07:37 से सुबह 09:17 तक
सूर्योदय-05:15
सूर्यास्त- 06:21
दिशाशूल – पूर्व दिशा में

व्रत पर्व विवरण –

विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

चैन की नींद के लिए

चैन की नींद न आती हो, तो सिरहाने की तरफ कर्पूर जलाकर “ॐ” का गुंजन करें l सुबह -शाम जलाने से वायु दोष दूर होगा, लक्ष्मी प्राप्ति होगी, बुरे सपने नहीं आयेंगे l

वास्तु शास्त्र

घर के मेन गेट के ठीक सामने किचन नहीं बनाना चाहिए। मेन गेट के एकदम सामने का किचन घर के सदस्यों के लिए अशुभ रहता है।

उपाय ~ मेन गेट और किचन के बीच पर्दा लगा दें।

वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए

शिवपुराण के अनुसार माता पार्वती शिवजी को पति के रूप में पाना चाहती थीं, इसके लिए उन्होंने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया था।

शिवजी तप से प्रसन्न हुए और उन्होंने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया। आज भी यदि कोई लड़की सच्चे मन से शिवजी और माता पार्वती की पूजा करती है तो उसे भगवान की कृपा से मनचाहा वर मिल सकता है।

साथ ही, इनकी कृपा से वैवाहिक जीवन की परेशानियां भी दूर हो सकती हैं। शिवजी की कृपा पाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…

अगर किसी लड़की के विवाह में अकारण ही देरी हो रही है या सुयोग्य वर नहीं मिल रहा है तो उसे शिवजी और माता पार्वती की नियमित रुप से पूजा करनी चाहिए ।

शिवलिंग पर जल चढ़ाने और माता पार्वती की पूजा करने से पति से प्रेम प्राप्त होता है ।

अगर कुंडली में विवाह से संबंधित दोष है तो हर गुरुवार का व्रत करना चाहिए । शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं ।

वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहे, इसके लिए महिला को दो मुखी या गौरीशंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए ।

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