ll वैदिक पंचांग ll

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दिनांक – 16 मई 2024
दिन – गुरूवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
मास – वैशाख
पक्ष – शुक्ल
तिथि – अष्टमी सुबह 06:22 तक तत्पश्चात नवमी
नक्षत्र – मघा शाम 06:14 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
योग – ध्रुव सुबह 08:23 तक तत्पश्चात व्याघात
राहुकाल – दोपहर 02:14 से शाम 03:53 तक
सूर्योदय-05:21
सूर्यास्त- 06:28
दिशाशूल – उत्तर दिशा में

व्रत पर्व विवरण – श्री सीता नवमी

विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

व्यापार में वृद्धि हेतु

रविवार को गंगाजल लेकर उसमें निहारते हुए २१ बार गुरुमंत्र जपें, गुरुमंत्र नहीं लिया हो तो गायत्री मंत्र जपें |

फिर इस जल को व्यापार-स्थल पर जमीन एवं सभी दीवारों पर छिडक दें | ऐसा लगातार ७ रविवार करें, व्यापार में वृद्धि होगी |

करोडो गौ दान का फल

सात धामों में द्वारका धाम । मोक्षदायी नगरियों में अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायका:||

और पश्चिम की तरफ सिर करके जो द्वारका का सुमिरन करते हुये स्नान करता है तो उसे करोडो गोदान फल मिलता है |

वास्तु शास्त्र

किचन में दवाईयां रखने की आदत वास्तु के अनुसार बिल्कुल गलत मानी जाती है। ऐसा करने से लोगों की सेहत में उतार-चढाव बना रहता हैं।

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