ll वैदिक पंचांग ll

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दिनांक – 01 मई 2024

दिन – बुधवार

विक्रम संवत – 2081

शक संवत -1946

अयन – उत्तरायण

ऋतु – ग्रीष्म ॠतु

मास – वैशाख

पक्ष – कृष्ण

तिथि – अष्टमी 02 मई प्रातः 04:01 तक तत्पश्चात नवमी

नक्षत्र – श्रवण 02 मई रात्रि 03:11 तक तत्पश्चात धनिष्ठा

योग – शुभ रात्रि 08:02 तक तत्पश्चात शुक्ल

राहुकाल – दोपहर 12:36 से दोपहर 02:13 तक

सूर्योदय-05:30

सूर्यास्त- 06:22

दिशाशूल – उत्तर दिशा में

व्रत पर्व विवरण – बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से 02 मई प्रातः 04:01 तक)

विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

वैशाख मास विशेष

गर्मियों में बलप्रद व स्वास्थ्यवर्धक आम

पका आम बहुत ही पौष्टिक होता है | इसमें प्रोटीन,विटामिन व खनिज पदार्थ, कार्बोहाइड्रेट तथा शर्करा विपुल मात्रा में होते हैं |

आम मीठा, चिकना, शौच साफ़ लानेवाला, तृप्तिदायक, ह्रदय को बलप्रद, वीर्य की शुद्धि तथा वृद्धि करनेवाला है | यह वायु व पित्त नाशक परंतु कफकारक है तथा कांतिवर्धक, रक्त की शुद्धि करनेवाला एवं भूख बढ़ानेवाला है | इसके नियमित सेवन से रोगप्रतिकारक शक्ति बढती है |

शुक्रप्रमेह आदि विकारों के कारण जिनको संतानोत्पत्ति न होती हो, उनके लिए पका आम लाभकारक है | कलमी आम की अपेक्षा देशी आम जल्दी पचनेवाला, त्रिदोषशामक व विशेष गुणयुक्त है | रेशासहित, मीठा, पतली या छोटी गुठलीवाला आम उत्तम माना जाता है |

यह आमाशय, यकृत, फेफड़ों के रोग तथा अल्सर, रक्ताल्पता आदि में लाभ पहुँचाता है | इसके सेवन से रक्त,मांस आदि सप्तधातुओं तथा वासा की वृद्धि और हड्डियों का पोषण होता है |

यूनानी डॉक्टरों के मतानुसार पका आम आलस्य दूर करता है, मूत्र साफ़ लाता है, क्षयरोग (टी.बी.)मिटाता है तथा गुर्दें व मूत्राशय के लिए शक्तिदायक है |

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