दिनांक -30 अप्रैल 2024
दिन – मंगलवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी सुबह 07:05 तक तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – उत्तराषाढा 01 मई प्रातः 04:09 तक तत्पश्चात श्रवण
योग – साध्य रात्रि 10:24 तक तत्पश्चात शुभ
राहुकाल – शाम 03:50 से शाम 05:27 तक
सूर्योदय-05:30
सूर्यास्त- 06:22
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
व्रत पर्व विवरण – सप्तमी क्षय तिथि
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
शिवलिंग के दर्शन हेतु
शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |
कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो
घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें |
नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये |
कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें | ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है |
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