ll वैदिक पंचांग ll

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दिनांक – 31 मार्च 2024
दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2080
शक संवत -1945
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – जेष्ठा रात्रि 10:57 तक तत्पश्चात मूल
योग – व्यतीपात रात्रि 09:53 तक तत्पश्चात वरीयान
राहुकाल – शाम 05:21 से शाम 06:53 तक
सूर्योदय-05:53
सूर्यास्त- 05:52
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में

व्रत पर्व विवरण –

विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)

रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।

बच्चों का रोना

रात को बच्चे उठकर रोते हैं तो दूध आदि पिलाकर/पिलाते हुए सिर पर हाथ घुमाते हुए गुरु मंत्र जप करें, तुलसी की माला पहनाये।

ग्रहबाधा दूर करने का उपाय

शनि, राहू-केतु आदि ग्रहों के दोष-निवारण के लिए प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को अपने हाथ से आटे की लोई गुड़सहित प्रेमपूर्वक किसी नंदी अथवा गाय को खिलायें | कैसी भी ग्रहबाधा हो, दूर हो जायेगी |

स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें

जिसको स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें हैं, उनके लिए सरल उपाय हैं, सूर्य-अस्त के बाद अँधेरा होने के पहले, पश्चिम (west) में एक ही तारा होता हैं- शुक्र का तारा , वहा चमकता हैं। उसको यह मंत्र बोले

हेमकुंदमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् |
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यचहम् ||
ॐ शुक्राय नमः

अगर घर पर हो तो दीपक भी दिखा दें नहीं तो सिर्फ़ मंत्र बोले. स्वप्नदोष, धातु की तकलीफों में बहुत लाभ होता हैं, शरीर में शुक्र मजबूत होता हैं ।

कोई खर्चा नहीं हैं। कोई भी दिन कर सकते हैं। शुक्रवार को करेंगे तो और अच्छा होगा ।

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