दिनांक – 17 मार्च 2024
दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2080
शक संवत -1945
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – फाल्गुन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – अष्टमी रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात नवमी
नक्षत्र – मृगशिरा शाम 04:47 तक तत्पश्चात आर्द्रा
योग – आयुष्मान शाम 05:06 तक तत्पश्चात सौभाग्य
राहुकाल – शाम 05:18 से शाम 06:49 तक
सूर्योदय-06:04
सूर्यास्त- 05:47
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरणः
विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
होलाष्टक संबंधित संपूर्ण जानकारी
आर्थिक तकलीफ़ हो तो
किसी को आर्थिक तकलीफ़ हो तो होली की पूनम के दिन एक समय ही खाना खायें, एक वक़्त उपवास करें अथवा तो नमक बिना का भोजन करें होली की रात को खीर बनायें और चंद्रमा को भोग लगाकर उसे दिखा दें चंद्रमा को; एक लोटे में जल लेकर उसमें चावल, शक्कर, कुमकुम, फूल, आदि डाल दें और चंद्रमा को ये मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें;
दधीशंख: तुषाराभम् क्षीरोरदार्णव संनिभम्
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्
हे चंद्र देव! भगवान शिवजी ने आपको अपने बालों में धारण किया है, आपको मेरा प्रणाम है।
अगर पूरा मंत्र याद न रहे तो “ॐ सोमाय नमः , ॐ सोमाय नमः” , इस मंत्र का जप कर सकते हैं।
होली के दिन पूजा विशेषः
होली के दिन हनुमान जी के पूजा का विशेष विधान है, हो सके तो करना। पूजा का मतलब यह जरूरी नहीं की हनुमान जी के आगे दिया जलायें तब ही वे प्रसन्न होंगे।
“श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि बरनउ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि”,
” मनोजवं मारुततुल्य वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं। वातात्मजं वानरयूथ मुख्यं श्री राम दूतं शरणं प्रपद्ये || ”
ऐसी प्रार्थना कर दी, वे राजी हो जायेंगे। होली के दिन एक बार जरूर कर लें, बहुत लाभ होगा।
होली के दिन शास्त्रों में लक्ष्मी माता की पूजा का भी विधान बताया गया है। वह कपूर का दिया जलाकर करें। थोड़ा सा ही कपूर जलायें। होली का पर्व दरिद्रता का नाश करनेवाला पर्व है।
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