Lawrence Bishnoi gang:
लिस्बन, एजेंसियां। पुर्तगाल में एक दुकान पर हुई कथित फायरिंग की घटना को लेकर आपराधिक गिरोह लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जुड़े गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह घटना पुर्तगाल के मरिन्हा ग्रांडे इलाके में बताई जा रही है, जहां एक दुकान को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में गैंग से जुड़े बताए जा रहे लोगों ने लिखा कि यह हमला “सुख जवंधा” नाम के व्यक्ति की दुकान पर किया गया। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि वह भारतीय मजदूरों से काम करवाकर उनका पैसा रोकता है और पासपोर्ट अपने पास रखकर उन्हें ब्लैकमेल करता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्ट में दी गई धमकी
पोस्ट में खुलेआम धमकी देते हुए लिखा गया कि यह फायरिंग केवल “चेतावनी” थी और अगर संबंधित व्यक्ति नहीं सुधरा तो अगली बार “छाती में गोली मारने” की बात कही गई। गैंग ने यह भी दावा किया कि उनके पास कुछ लोगों के भागने से जुड़े वीडियो मौजूद हैं और उनके विरोधियों तथा कथित एजेंटों की पूरी जानकारी उनके पास है।बताया जा रहा है कि यह पोस्ट लॉरेंस बिश्नोई के जन्मदिन के दिन शेयर की गई, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। घटना के वीडियो होने का दावा भी किया गया है, लेकिन उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
जांच में जुटी एजेंसियां
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अभी तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सत्यता की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा।यह घटना एक बार फिर विदेशों में सक्रिय भारतीय आपराधिक नेटवर्क और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।







