दिनांक – 21 मार्च 2025
दिन – शुक्रवार
विक्रम संवत – 2081
शक संवत -1946
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी 22 मार्च प्रातः 04:23 तक तत्पश्चात अष्टमी
नक्षत्र – ज्येष्ठा 22 मार्च रात्रि 01:46 तक तत्पश्चात मूल
योग – सिद्धि शाम 06:42 तक तत्पश्चात व्यतीपात
राहुकाल – सुबह 11:15 से दोपहर 12:46 तक
सूर्योदय 06:04
सूर्यास्त – 05:48
दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (शाम 06:42 से 22 मार्च शाम 6:37 तक)
विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
संतान की प्राप्ति और सुख शांति के लिए करे शीतला अष्टमी पर यह नियम
बच्चों का रोना
रात को बच्चे उठकर रोते हैं तो दूध आदि पिलाकर/पिलाते हुए सिर पर हाथ घुमाते हुए गुरु मंत्र जप करें, तुलसी की माला पहनाये।
ग्रहबाधा दूर करने का उपाय
शनि, राहू-केतु आदि ग्रहों के दोष-निवारण के लिए प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को अपने हाथ से आटे की लोई गुड़सहित प्रेमपूर्वक किसी नंदी अथवा गाय को खिलायें | कैसी भी ग्रहबाधा हो, दूर हो जायेगी |
लोककल्याण सेतु – अक्टूबर 2019
स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें
जिसको स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें हैं, उनके लिए सरल उपाय हैं, सूर्य-अस्त के बाद अँधेरा होने के पहले, पश्चिम (west) में एक ही तारा होता हैं- शुक्र का तारा , वहा चमकता हैं। उसको यह मंत्र बोले
हेमकुंदमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् |
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्य्हम् ||
ॐ शुक्राय नमः
अगर घर पर हो तो दीपक भी दिखा दें नहीं तो सिर्फ़ मंत्र बोले. स्वप्नदोष, धातु की तकलीफों में बहुत लाभ होता हैं, शरीर में शुक्र मजबूत होता हैं ।
कोई खर्चा नहीं हैं.कोई भी दिन कर सकते हैं। शुक्रवार को करो तो और अच्छा हैं ।
जिसको यह प्रॉब्लम हैं वे मानते हैं की यह ग़लत आदत हैं और यह मुझमे हैं। यह आदत आप में हैं तो आपसे अलग हैं। आप अपने को शुद्ध, बुध आत्मा जानो। इस तरह इससे बच सकते हों। दृढ विश्वास रखें।
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