Kolkata:
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। बीते शुक्रवार को सुती, धुलियान, समसेरगंज और जंगीपुर जैसे इलाकों में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसके अलावा पुलिस वैन पर हमला और सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया गया था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
Kolkata: हालात पर काबू करने में जुटी पुलिस और प्रशासन
अब पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि हालात पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके। सोमवार को पुलिस ने इलाके में सार्वजनिक घोषणाएं कर लोगों से सामान्य जीवन में लौटने और दुकानें खोलने की अपील की।
प्रशासन का कहना है कि अब तक 19 परिवार अपने घरों में वापस लौट चुके हैं और दुकानें भी खुलने लगी हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने जानकारी दी कि हिंसा के सिलसिले में अब तक 210 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Kolkata: तीन लोगों की हुई मौत
शुक्रवार को भड़की इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से एक व्यक्ति और उसका बेटा समसेरगंज के जाफराबाद में अपने घर में मृत पाए गए थे, जिनके शरीर पर चाकू के कई निशान थे। वहीं, एक अन्य व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती का आदेश दिया था।
Kolkata: पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की है और कहा है कि पिता-पुत्र की हत्या की जांच अलग से की जाएगी। इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस हिंसा के बाद बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है।
विपक्ष ने ममता सरकार पर हमला बोला है और कुछ जगहों पर राष्ट्रपति शासन की मांग भी उठाई जा रही है। वहीं, BSF की ओर से भी बयान आया है कि हालात अब बेहतर हैं, लेकिन हमला काफी गंभीर था।
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