नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं, जहां जनता द्वारा अपनी सरकार को चुना जाता है। इसके लिए आम चुनाव माध्यम होता है, जिसमें जनता अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देती है और अधिक वोट प्रतिशत के आधार पर उम्मीदवार विजयी होता है।
इस कड़ी में साल 2024 का भी लोकसभा चुनाव[Loksabh Election] आ गया है, जिसके लिए तमाम राजनीतिक पार्टियों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
भारत में लोकतंत्र का महापर्व यानी लोकसभा चुनाव-2024 सिर पर है।
इसे लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां रेस हैं और चुनाव के अखाड़े में ताल ठोक रही हैं। सभी एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं।
राजनीतिक पार्टियों की ओर से लुभावने घोषणा पत्र जारी किये जा रहे हैं। आम मतादाता भी उलझन में हैं कि कौन उसे क्या देने जा रहा है।
हर राज्य में दर्जनों राजनीतिक पार्टियां अपना जलवा दिखाने को बेताब हैं।
ऐसे में यहां एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि आखिर देश में कितने राजनीतिक दल हैं। इनमें कितने क्षेत्रीय और छोटे दल हैं और कितनी राष्ट्रीय नेशनल पार्टियां हैं।
क्या आपको पता हैं कि वर्तमान में भारत में कितनी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियां हैं। यदि नहीं, तो आइए आज हम आपकी जानकारी बढ़ाते हैं।
राष्ट्रीय राजनीतिक दलः
भारत में वर्तमान में राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों के नाम इस प्रकार हैः
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्सवादी)
- भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)
- बहुजन समाज पार्टी(बसपा)
- आम आदमी पार्टी(आप)
- नेशनल पीपुल्स पार्टी
ऐसे मिलती है राष्ट्रीय दल की मान्यताः
भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय दलों को मान्यता देने के लिए कुछ नियम बनाये हैं। इसे पूरा करनेवाले दल ही राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा पा सकते हैं।
ये है नियमावलीः
- भारत निर्वाचन आयोग की राजनीतिक दल और चुनाव चिह्न, 2019 पुस्तिका के मुताबिक, एक राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल की मान्यता तब मिलेगी, जब पार्टी को 4 या इससे अधिक राज्यों में राज्य स्तरीय दल के रूप में मान्यता मिली हुई हो।
- या फिर, लोकसभा या राज्य विधानसभा चुनावों में 4 अलग-अलग राज्यों से कुल वैध मतों के 6 फीसदी मत प्राप्त हों और इसके अतिरिक्त 4 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल हो।
- या फिर, पार्टी ने कम से कम 3 राज्यों से लोकसभा में कुल सीटों का कम-से-कम 2 फीसदी सीटें जीती हों।
कई पार्टियां खो चुकी हैं राष्ट्रीय दर्जाः
देश में कई राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का दर्जा वापस भी लिया जा चुका है। इसके विभिन्न कारण हैं।
बताते चलें कि कुछ समय पहले भारत में तीन पार्टियों से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया गया है। इन पार्टियों में एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस(TMC) और सीपीआई शामिल हैं।
कब मिलता है किसी दल को राष्ट्रीय दर्जाः
एक पंजीकृत पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में तभी मान्यता दी जाती है जब वह निम्नलिखित तीन शर्तों में से किसी एक को पूरा करती है:
- यदि कोई पार्टी कम से कम 3 अलग-अलग राज्यों से लोकसभा में 2% सीटें (2014 तक, 11 सीटें) जीतती है।
- लोकसभा या विधान सभा के आम चुनाव में, पार्टी को 4 लोकसभा सीटों के अलावा चार राज्यों में 6% वोट मिलते हैं।
- एक पार्टी को 4 या अधिक राज्यों में राज्य पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त है।
इसे भी पढ़ें
