नई दिल्ली, एजेंसी। तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहली बार इंसुलिन दी गई है।
आम आदमी पार्टी के सूत्रों का दावा है कि केजरीवाल का शुगर लेवल लगातार बढ़ रहा था।
केजरीवाल का शुगर लेवल 320 तक पहुंच गया था। ईडी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहली बार इंसुलिन दी गई है।
इससे पहले कल यानी सोमवार को सीएम केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट से एक और झटका लगा था।
अदालत ने रोजाना 15 मिनट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अपने डॉक्टर से सलाह देने की अनुमति देने की मांग की केजरीवाल की अर्जी को ठुकरा दिया था।
इससे पहले केजरीवाल ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को एक चिट्ठी लिखी। जिसमें उन्होंने जेल प्रशासन के बयान को गलत बताया।
आप ने पत्र को एक्स पर पोस्ट किया है। केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि अखबार में आपका बयान पढ़ा, वो गलत है। आपका झूठा बयान पढ़ के बहुत दुख हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि जेल प्रशासन का पहला बयान अरविंद केजरीवाल ने इंसुलिन का मुद्दा कभी नहीं उठाया।
मैं पिछले 10 से इंसुलिन का मुद्दा उठा रहा हूं, दिन में कई बार उठ रहा हूं। मैंने ग्लूकोमीटर की रीडिंग दिखा कर बताया कि दिन में तीन बार पीक आती है और शुगर लेवल 300 के पार जाता है।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने तिहाड़ जेल और ईडी पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि केजरीवाल का शुगर लेवल बढ़ने को लेकर न तो एम्स के डॉक्टरों से सलाह ली गई है और न ही केजरीवाल का ठीक से चेकअप कराया गया है।
सिर्फ डाइटीशियन के चार्ट के आधार पर अदालत में कहा गया है कि अगर उन्हें इसके अनुसार खाना मिलेगा तो उनका शुगर लेवल सही रहेगा और इंसुलिन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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