Jharkhand Police Headquarters Order:
रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य में लंबित जन शिकायतों के निवारण की धीमी गति को लेकर कड़ा निर्देश जारी किया है। मुख्यालय ने सभी जोनल आईजी और रेंज के डीआईजी को पत्र भेजकर कहा है कि केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर दर्ज सभी शिकायतों का निपटारा युद्धस्तर पर किया जाए और कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में जताई गई नाराजगी
यह सख्त निर्देश 12 फरवरी को राज्य नोडल पदाधिकारी-सह-सचिव (कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग) द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आया। बैठक में यह पाया गया कि पुलिस विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित हैं और उनका निपटारा अपेक्षित गति से नहीं हो रहा। सचिव ने इस पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि लंबित शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
21 दिन की समय-सीमा और प्रमुख निर्देश
पुलिस मुख्यालय के पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी लंबित शिकायतों का निपटारा हर हाल में 21 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। सभी जोनल आईजी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्रों में लंबित मामलों की संख्या 50 से कम हो। विशेष प्राथमिकता उन शिकायतों को दी जाएगी जो 21 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं।
राज्य पुलिस में पारदर्शिता और तेज़ कार्रवाई
इस पहल से यह स्पष्ट हो गया है कि झारखंड पुलिस मुख्यालय अब लंबित शिकायतों के मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। सभी अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निपटारा करना आवश्यक होगा। इस कदम को जनता के बीच शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का यह कदम नागरिकों में भरोसा बढ़ाने और शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए अहम साबित होगा। राज्य सरकार की यह पहल यह संकेत देती है कि अब हर स्तर पर शिकायतों के समाधान में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और लंबित मामलों को प्राथमिकता देकर जनता को शीघ्र राहत पहुंचाई जाएगी।







