Jharkhand liquor scam investigation:
रांची। झारखंड में चर्चित शराब घोटाले की जांच अब दो एजेंसियां राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही हैं। इसी क्रम में Anti Corruption Bureau (ACB) ने Enforcement Directorate (ED) को दो पन्नों का विस्तृत पत्र भेजकर अब तक की कार्रवाई, जब्ती और जांच की स्थिति का पूरा ब्योरा मांगा है। सूत्रों के अनुसार, यह पत्र जांच में तालमेल बनाए रखने और समानांतर कार्रवाई से जुड़ी स्पष्टता के लिए भेजा गया है।
पत्र में क्या-क्या पूछा गया?
ACB ने अपने पत्र में पूछा है कि झारखंड से जुड़े इस मामले में ED ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की है। एजेंसी ने आरोपियों और संबंधित व्यक्तियों की कितनी संपत्ति जब्त की गई है या जब्ती की प्रक्रिया में है, इसकी जानकारी मांगी है। साथ ही, ED के पास मौजूद दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड्स में अब तक क्या-क्या तथ्य सामने आए हैं, इसका विवरण भी मांगा गया है।इसके अलावा ACB ने यह भी स्पष्ट करना चाहा है कि क्या ED ने किसी आरोपी का बयान दर्ज किया है या कोई कबूलनामा लिया गया है। जांच के दायरे, साक्ष्यों की प्रकृति और आगे की प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
ED की प्रतिक्रिया का इंतजार
ACB के इस पत्र पर अभी तक ED की ओर से आधिकारिक जवाब नहीं आया है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि दोनों एजेंसियां जांच को लेकर संपर्क में हैं और सूचना साझा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
केस की अब तक की स्थिति
झारखंड में शराब घोटाले की जांच ACB ने वर्ष 2025 में कांड संख्या 9/2025 के तहत दर्ज कर शुरू की थी। अब तक इस मामले में तीन IAS अधिकारियों सहित दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, समय पर चार्जशीट दाखिल न होने के कारण सभी आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल गई।बाद में ED ने इस मामले को अपने स्तर पर टेकओवर करते हुए ECIR केस नंबर 10/2025 के तहत दर्ज किया और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की। इस प्रकरण में कई अधिकारियों और व्यवसायियों के नाम सामने आ चुके हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ED कब तक ACB को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराती है और जांच की दिशा में आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।








