Jhansi Storm:
झांसी। 21 मई 2025 को झांसी में आए भीषण तूफान और तेज हवाओं ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि पक्षियों की दुनिया में भी कोहराम मचा दिया। स्थानीय नागरिकों और वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, एक ही दिन में 100 से अधिक तोतों की मौत और 50 से अधिक घायल हो गए।
Jhansi Storm: तूफान के कहर में उजड़ा तोतों का जीवन
तेज हवाएं, गिरते पेड़ और अचानक घटा अंधेरा। इस बदलते मौसम ने सभी पक्षियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। खासकर तोते, जो पेड़ों पर समूह में रहते हैं, इस तूफान का सबसे बड़ा शिकार बने। सैकड़ों तोते या तो पेड़ों से गिर गए या उड़ान भरने में असमर्थ होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
Jhansi Storm: क्या इसका पर्यावरण और इकोसिस्टम पर असर होगा?
तोते सिर्फ सुंदर और बोलने वाले पक्षी नहीं हैं, बल्कि वे इकोसिस्टम का अहम हिस्सा हैं। उनका एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मर जाना स्थानीय जैव विविधता (biodiversity) और प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। बार-बार होने वाली ऐसी चरम मौसमी घटनाएं अब सामान्य नहीं रहीं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह जलवायु परिवर्तन का सीधा संकेत हो सकता है। प्राकृतिक असंतुलन का असर अब केवल पर्यावरण पर नहीं, बल्कि हर जीव-जंतु के अस्तित्व पर पड़ रहा है।
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