पटना : जद(यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश पर पार्टी द्वारा नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किए जाने के बावजूद उसमें हिस्सा लेने पर सोमवार को निशाना साधा। नीरज ने पत्रकार से राजनेता बने हरिवंश के नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह में भाग लेने की निंदा करते हुए एक बयान जारी कर कहा कि समारोह में ‘‘यहां तक कि आपके सभापति, माननीय उप राष्ट्रपति तक मौजूद नहीं थे।’’
जद(यू) के प्रवक्ता ने कहा ‘‘पत्रकारिता में आपके योगदान के फलस्वरूप पार्टी ने आपको राज्यसभा भेजा था। लेकिन जब देश में संसदीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय लिखा जा रहा था तब आपने रसूखदार पद के लिए अपने जमीर से समझौता कर लिया।’’ बिहार के मुख्यमंत्री और जद(यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया था।
उन्होंने कहा था कि यह ‘‘उन लोगों की ओर से इतिहास बदलने का प्रयास है जिनका स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं है।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। भारतीय जनता पार्टी के विरोधी बीस से अधिक राजनीतिक दलों ने यह कहते हुए रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया था कि नयी इमारत का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए।
जद(यू) के प्रवक्ता ने कहा ‘‘समारोह का बहिष्कार करने के पार्टी के फैसले के बावजूद आप उसमें शामिल हुए जिसके बाद अब शीर्ष नेतृत्व को तय करना है कि वह क्या कार्रवाई करेगा। आपने जो किया वह आपके जैसे कद वाले व्यक्ति से अपेक्षित नहीं था और भावी पीढ़ी उसके बारे में क्या सोचेगी।’’ राज्यसभा में यह हरिवंश का दूसरा कार्यकाल है जो अगले साल समाप्त होगा। वह 2018 से उच्च सदन के उप सभापति हैं। हरिवंश इस पद पर आसीन तीसरे गैर-कांग्रेसी सांसद हैं।
झारखंड और बिहार के प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों में से एक ‘प्रभात खबर’ के संपादक के रूप में कार्य करने से पहले 66 वर्षीय हरिवंश ने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के मीडिया सलाहकार के रूप में कार्य किया था। पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के बाद से जद(यू)‘‘महागठबंधन’’ का हिस्सा है जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं।








