रांची : इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है और बाजार में जामुन का फल अपनी धूम मचा रहा है। जामुन देखने में तो छोटा सा फल है लेकिन उसकी खूबियां बहुत बड़ी हैं। जामुन का मीठा और कसैला स्वाद सभी को अपना दीवाना बना लेता है। अंग्रेजी में जामुन को ब्लैक बेरी या जावा प्लम कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार जामुन के बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं।
आयुर्वेद में जामुन को डायबिटीज के कंट्रोल के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसके साथ ही जामुन पाचन को बेहतर बनाने से लेकर किडनी स्टोन के इलाज में भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। जामुन में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड भरपूर मात्रा में होते हैं। जामुन का सिर्फ फल ही नहीं, इसके पेड़ की छाल, पत्तियां और फल की गुठली भी बहुत फायदेमंद होती है। बड़ों के साथ ही ये फल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं जामुन के हेल्थ बेनिफिट्स।
बढ़ते स्ट्रेस, हॉर्मोनल डिस्बैलेंस और जंकफ़ूड के सेवन की वजह आजकल पिंपल्स होना एक आम समस्या है। जामुन के रस का उपयोग पिंपल्स को कम करने किया जाता है। जामुन या इसकी पत्तियों के रस को स्किन पर लगाने से ये स्किन पर बढ़ते हुए ऑइल और सीबम के सेक्रेशन को रोकता है। इससे पिंपल्स में आराम मिलता है। जामुन बहुत से गुणों से भरपूर फल है।
ये बाहर और भीतर दोनों तरह से शरीर को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जामुन की छाल एक ब्लड प्यूरीफायर है जो आपके खून को अंदर से साफ करते हुए आपकी स्किन का बाहर से ख्याल रखती है। अगर आपका खून प्यूरीफाइड तो आपका मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है और आपकी स्किन खूबसूरत नजर आती है। यही नहीं, आंखों में जलन, कीचड़ आना और दर्द आज के समय की सच्चाई बन गए हैं। लगातार इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन के सामने बैठना आंखों के लिए खतरनाक है। बच्चों हो या बड़े, सभी को आंखों से संबंधित परेशानी होती ही हैं।
ऐसे में जामुन के 15-20 मुलायम पत्तों को 400 मिली पानी में पका लें। जब यह काढ़ा एक चौथाई बच जाए, तो इसे ठंडा करके इससे आंखों को धोएं। इससे आंखों की समस्या में लाभ होता है। कानों में समस्या भी आजकल बेहद आम है। कभी-कभी घाव होने पर या अन्य कारणों से कान से पस निकलने लगता है। इसके लिए जामुन की गुठली को पीसकर शहद में मिला लें। ये एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा है और इसकी 1-2 बूंद कान में डालने से कान का बहना, कान में दर्द आदि बन्द हो जाता है। दांत के दर्द में भी जामुन कारगर है।
जामुन का स्वाद और तासीर कसैली होती है। इसका उपयोग दांतों की समस्या से आराम दिलाने के लिए फायदेमंद होता है। इसके लिए जामुन के पत्तों को जलाकर उसकी राख बना लें। इसे मंजन की तरह दांत और मसूड़ों पर मलने से दांत और मसूड़े स्ट्रॉन्ग होते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, जामुन के पके हुए फलों का रस निकाल लें और इससे कुल्ला करें। ऐसा करने से पाइरिया ठीक होता है।
पेट के गर्म होने, बढ़ने या खानपान में बदलाव के कारण अक्सर लोगों को मुंह के छालों की समस्याओं से गुजरना होता है। जामुन के पत्तों के रस से कुल्ला करने पर मुंह के छालों में आराम होता है। जामुन की कसैली तासीर छालों की लाली और इनसे होने वाले दर्द को कम करते हैं। इसके साथ ही जामुन गले में होने वाले दर्द और गले की अन्य समस्याओं से आराम दिलाने बहुत फायदेमंद है। 10-15 मिली जामुन के फल के नियमित सेवन गले की समस्याओं से भी आराम दिलाता है। इसके अलावा, गले के दर्द में 1-2 ग्राम जामुन के पेड़ की छाल के चूर्ण का सेवन करें। ये चूर्ण आपको किसी भी आयुर्वेदिक शॉप में मिल जाएगा। इस चूर्ण का सेवन शहद के साथ करना फायदेमंद होता है।
इसके साथ ही पाइल्स एक ऐसी समस्या है जो किसी को भी परेशान कर सकती है। मल के साथ होने वाला दर्द और खून बहुत परेशानी का कारण बन सकता है। पाइल्स होने पर जामुन के फूलों के 20 मिली रस में थोड़ी-सी शक्कर मिला लें। इसे दिन में तीन बार पीने से पाइल्स से बहने वाला खून बन्द हो जाता है। 10 ग्राम जामुन के पत्तों को 250 मिली गाय के दूध में अच्छे से मिलाकर पीना भी पाइल्स की समस्या दूर करने में असरदार साबित होता है। लगातार सात दिनों तक दिन में 3 बार पीने से बवासीर में बहने वाला खून बन्द हो जाता है। तो छोटे से जामुन के फायदे देख लिए न आपने।









