जयशंकर बोले- कुछ देश दूसरों की तुलना में ज्यादा जटिल [Jaishankar said- some countries are more complex than others]

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भारत विश्वामित्र बनकर सभी से मित्रता करना चाहता

नई दिल्ली, एजेंसियां। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली खुद को वैश्विक मित्र के रूप में स्थापित करते हुए अधिक से अधिक देशों के साथ मित्रता करना चाहती है।

भारत की ‘विश्वामित्र‘ स्थिति का मोटिव दुनिया भर में मित्रता विकसित करना है। आज की उभरते मल्टीपावर दुनिया में मित्रता अकेली नहीं रह गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ वैश्विक पार्टनर (देश) दुनिया के दूसरे पार्टनर्स की तुलना में ज्यादा जटिल हो सकते हैं, क्योंकि वे हमेशा म्यूचुअल रिस्पेक्ट के कल्चर या डिप्लोमेटिक शिष्टाचार के लोकाचार को शेयर नहीं कर सकते हैं।

किताब का विमोचन करने पहुंचे थे विदेश मंत्रीः

जयशंकर ने कहा कि एक राष्ट्र जिसे स्वतंत्रता माना जाता है, उसे दूसरे देश के हस्तक्षेप के रूप में देखा जा सकता है। संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के बारे में संवेदनशीलता इंटरनेशनल पार्टनर्स के आकलन में जरूरी बनी हुई है।

विदेश मंत्री ने ये बातें दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में कही। वे यहां लेखक श्रीराम चौलिया की किताब ‘फ्रेंड्स: इंडियाज क्लोजेस्ट स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स’ के विमोचन पर पहुंचे थे।

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