छत्तीसगढ़ : भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की 40वीं वाहिनी ने जहां हरियाली वहां खुशहाली के नारे के साथ बुढान भाट में विशाल वृक्षारोपण अभियान चलाया। कार्यक्रम के तहत भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के सेनानी अनन्त नारायण दत्ता और द्वितीय कमान तरुण कुमार बंजारी, पदस्थ पदाधिकारियों, हिमवीर जवानों, गणमान्य नागरिकों, जनजागरण के कर्णाधार कलम के सिपाही प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बन्धु तथा नेहरू युवा केन्द्र नवजवान के साथ बुढान भाट परिक्षेत्र में विशाल वृक्षारोपण अभियान के लिए पहुंचे।
कार्यक्रम में अनन्त नारायण दत्ता ने कहा कि भारत भूमि सदियों से प्रकृति प्रेमी रहा है। हमारे ऋषि, मुनियों ने किसी न किसी विधा से या आध्यात्मिक अवधारणा से प्रकृति के सभी चर, अचर , पेड़, पौधे,फल, फूल,पत्ती, जीव-जंतुओं से प्रेम करना सिखाया है। प्रकृति का एक पेड़ परोपकार का साक्षात प्रतिमूर्ति होता है। वह निःस्वार्थ भाव से हम सभी को फल, फूल, पत्ती, शुद्ध वायु, वर्षा, सौन्दर्य सुख, छाया आदि ऋषि दधीचि की तरह दान कर देते हैं।
इसीलिए हमारे ग्रंथों में एक वृक्ष की तुलना दस पुत्रों के बराबर किया गया है। उन्होंने सभी सम्मानित उपस्थित समूह को आह्वान किया कि आओ आज हम सब मिलकर भारत सरकार के विशाल वृक्षारोपण अभियान के इस अश्वमेध यज्ञ में पौधारोपण की अपनी आहुति दे कर इस वसुधा को खुशहाल बनाए। इस विशाल भव्य 40वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के कार्यक्रम के दौरान कुल 1000 वृक्षारोपण किया गया जिसमें महुआ, अमरूद, नींबू अखरोट, जामुन,नीम, और अन्य वृक्षों का रोपण शामिल है। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच, सम्मानित नागरिक, नेहरू युवा केन्द्र के गणेश, मनोज, मनीषा, साक्षी तथा हिमवीर सैनिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के समापन पर बुढान भाट कैम्प के सहायक सेनानी केशव चन्द्र महतो ने भारत सरकार के गृहमंत्री के तत्वावधान में चलाए जाने वाले विशाल वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने में शामिल सभी सम्मानित लोगों का सादर धन्यवाद दिया।







