Irfan Ansari bicycle to assembly:
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari का अलग अंदाज देखने को मिला। बुधवार को वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए कार या सरकारी वाहन से नहीं, बल्कि साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे। मंत्री का कहना था कि उनका उद्देश्य लोगों और विधायकों को यह संदेश देना है कि स्वास्थ्य सबसे बड़ी संपत्ति है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आज के समय की जरूरत है।
फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश
विधानसभा परिसर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” यानी स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसे में साइकिल चलाने जैसी सरल आदतें अपनाकर फिट रहा जा सकता है।उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वे साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे हैं, ताकि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संदेश जाए।
महंगाई और विपक्ष पर साधा निशाना
साइकिल से विधानसभा पहुंचने के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जनता परेशान है, लेकिन विपक्ष ऐसे मुद्दों पर गंभीरता से बात करने के बजाय दूसरे विषयों पर राजनीति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की जरूरत की कई चीजों की कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
एलपीजी संकट और वैकल्पिक व्यवस्था की बात
मंत्री ने यह भी कहा कि कई जगहों पर गैस की आपूर्ति को लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार भविष्य में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इलेक्ट्रिक चूल्हे जैसी योजनाओं पर भी विचार कर रही है, ताकि लोगों को रसोई गैस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़े।उनका कहना था कि महिलाओं और परिवारों को गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। सरकार इस दिशा में बेहतर समाधान खोजने का प्रयास कर रही है।
विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बना अनोखा अंदाज
स्वास्थ्य मंत्री का साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचना दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। कई लोगों ने इसे फिटनेस और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश बताया।इस तरह बजट सत्र के बीच स्वास्थ्य मंत्री का यह अनोखा कदम न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।







