Rafale fighter jets
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक की ओर बढ़ रहा है। भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर जल्द ही अंतिम मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस महीने ही इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
पिछले वर्ष भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू जेट खरीदने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा था। यह सौदा अंतर-सरकारी समझौते (G2G) के तहत किया जाएगा, जिससे बिना किसी मध्यस्थ के सीधे विमानों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे पहले अप्रैल 2025 में भारत ने भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए फ्रांस के साथ 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद का लगभग 63,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था। इस डील के तहत 22 सिंगल-सीटर और चार टू-सीटर प्रशिक्षण विमान शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है।
राफेल सौदे के साथ ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
राफेल सौदे के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ को भी बढ़ावा मिल रहा है। जून महीने में डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच भारत में राफेल लड़ाकू विमानों के ढांचे (बॉडी) के निर्माण को लेकर चार उत्पादन हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसे भारत की एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 114 राफेल विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता और सामरिक ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

















