अरविंद केजरीवाल के जेल से बेल तक के अहम पड़ाव, ईडी ने नौ बार भेजा था समन

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नयी दिल्ली,एजेंसियां: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है।

उन्हें 2 जून को फिर से जेल वापस जाना होगा। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने 10 मई को केजरीवाल को बड़ी राहत देते हुए लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दे दी।

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान एक जून को होगा। अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद थे।

यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की अब खत्म हो चुकी एक्साइज पॉलिसी को बनाने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

आइए एक नजर डालते हैं, अरविंद केजरीवाल के जेल से बेल तक के इस पूरे सफर पर…

नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की। जुलाई 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस नीति को बनाने और लागू करने में गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश की।

17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने इस मामले में डिप्सी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया।

19 अगस्त 2022 को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के घर पर छापा मारा।

1 सितंबर 2022 को दिल्ली सरकार ने पॉलिसी रद्द कर दी।

17 अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया से 8 घंटे तक पूछताछ की।

14 नवंबर 2022 को ईडी ने एक इवेंट कंपनी के पूर्व सीईओ विजय नायर को गिरफ्तार किया।

विजय नायर के आम आदमी पार्टी और हैदराबाद के काराबोरी अभिषेक बोयनापल्ली से संबंध थे।

25 नवंबर 2022 को सीबीआई ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

26 फरवरी 2023 को आठ घंटे तक पूछताछ के बाद सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया।

27 फरवरी 2023 को राउस एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को पांच दिनों के लिए सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया।

28 फरवरी 2023 को अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सिसोदिया सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लेकिन याचिका खारिज हो गई।

मनीष सिसोदिया और जेल में बंद मंत्री सत्येंदर जैन ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दिया।

9 मार्च 2023 को ईडी ने मनीष सिसोदिया को हिरासत में लिया और अभी वह तिहाड़ जेल में हैं।

4 अक्टूबर 2023 को ईडी ने आप सांसद संजय सिंह के आवास पर छापा मारा और उन्हें कस्टडी में लिया।

30 अक्टूबर 2023 को ईडी ने शराब नीति घोटाले के सिलसिले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहला समन भेजा।

नवंबर 2023 को केजरीवाल 2 नवंबर को ईडी के पहले समन में शामिल नहीं हुए और एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए मध्य प्रदेश के सिंगरौली चले गए।

दिसंबर 2023 को केजरीवाल ने इसे ‘अवैध और राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए दूसरे समन को नजरअंदाज कर दिया।

दिसंबर 2023 को ईडी ने केजरीवाल को 3 जनवरी को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए तीसरा समन जारी किया।

जनवरी 2024 को केंद्र सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए केजरीवाल तीसरे समन में शामिल नहीं हुए।

जनवरी 2024 को ईडी ने अरविंद केजरीवाल को चौथा समन जारी कर 18 जनवरी को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा।

जनवरी 2024 को केजरीवाल ने ईडी के समन का जवाब देते हुए एजेंसी से पूछा कि अगर वह कथित दिल्ली एक्साइज ड्यूटी पॉलिसी मामले में आरोपी नहीं थे तो उन्हें नोटिस क्यों जारी किए गए।

जनवरी 2024 को ईडी ने पांचवां समन जारी किया और 2 फरवरी को पेश होने को कहा गया।

2 फरवरी 2024 को केजरीवाल पांचवीं बार ईडी के समन में शामिल नहीं हुए।

3 फरवरी 2024 को ईडी ने यह आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया कि अरविंद केजरीवाल समन का पालन नहीं कर रहे हैं।

7 फरवरी 2024 को दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल को उस दिन के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी।

26 फरवरी 2024 को केजरीवाल सातवें समन में शामिल नहीं हुए। आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि उन्होंने ईडी के अवैध समन पर कानूनी सवाल उठाए थे और उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

4 मार्च 2024 को आठवें समन में केजरीवाल को पेश होना था।

7 मार्च 2024 को मजिस्ट्रेरियल कोर्ट ने ईडी की नई याचिका पर केजरीवाल को समन भेजा।

15 मार्च 2024 को सेशंस कोर्ट ने समन रोकने के लिए केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया।

16 मार्च 2024 को मैजेस्टेरियल कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत मंजूर की।

21 मार्च 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को गिरफ्तारी से राहत देने से मना कर दिया जिसके कुछ ही घंटे बाद ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

केजरीवाल ने हाईकोर्ट से कहा था कि वह ईडी के सामने पेश नहीं होंगे क्योंकि चुनाव नजदीक होने के चलते उन्हें गिरफ्तार करने का लक्ष्य है। उन्हं 21 मार्च को नवें समन पर पेश होना था।

23 मार्च 2024 को अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे।

1 अप्रैल 2024 को स्पेशल कोर्ट ने केजरीवाल को तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेजा।

9 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट ने ईडी की हिरासत के खिलाफ केजरीवाल की योजना की याचिका को खारिज कर दिया।

10 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया।

दिल्ली की एक अदालत ने वकीलों के साथ हर हफ्ते दो की बजाय पांच बैठक के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया।

15 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर ईडी से 24 अप्रैल तक जवाब मांगा।

22 अप्रैल 2024 को दिल्ली की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एक प्राइवेट डॉक्टर से सलाह-मशविरे से जुड़े अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया।

27 अप्रैल 2024 को केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनकी ‘अवैध गिरफ्तारी’ देश में फ्री और फेयर इलेक्शंस और संघवाद पर आधारित लोकतंत्र पर हमला है।

29 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद पेश नहीं होने की वजह पूछी।

3 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकसभा चुनाव के चलते यह केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर विचार कर सकता है।

8 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 10 मई को अंतरिम जमानत पर फैसला सुनाएगा।

10 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी। केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना पडेगा।

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