नई दिल्ली, एजेंसियां। किडनी हमारे रक्त को साफ करने और रक्त में रसायनों के संतुलन को बनाए रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी की बीमारियाँ समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
इसलिए जरूरी है कि हर कोई किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय करता रहे। किडनी को ठीक रखने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि जिन लोगों को किडनी रोग है उनमें समय के साथ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं यहां तक कि डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है।
आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखने के साथ ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है।
किडनी की समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है डायबिटीज और रक्तचाप जैसी बीमारियों का जल्द से जल्द पहचान किया जाए।
ताकि जितनी जल्दी हो सके उसे नियंत्रित किया जा सके। यूरिन में प्रोटीन की जांच जरूर कराना चाहिए क्योंकि किडनी फेल होने का यह शुरुआती लक्षण होता है।
अगर डायबिटीज या ब्लड प्रेशर नहीं है, लेकिन किडनी में गुब्बारे जैसी सिस्ट बन गई है या बहुत अधिक दर्द निवारक दवाएं खा रहे हैं या ओवर-द-काउंटर दवाएं खाने की आदत है, तो यह किडनी फेलियर का कारण बन सकता है।
ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस भी गुर्दे की विफलता का कारण बन सकता है। इसके लिए यह देखना होगा कि पेशाब में खून है या प्रोटीन।
प्रोटीन की मात्रा बढ़ने पर किडनी बायोप्सी की जरूरत पड़ती है। इसी आधार पर आगे के इलाज के उपाय तय किए जाते हैं।
किडनी या किसी अन्य अंग की बेहतरी के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। किसी भी प्रकार की वैकल्पिक दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए।
वर्ष में कम से कम एक या दो बार नियमित किडनी परीक्षण आवश्यक है। अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी नियंत्रण में रखने की जरूरत है।
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