सेहत पर अनिद्रा का कितना होता है असर, उम्र के हिसाब से कितने घंटे सोना चाहिए? [How much effect does insomnia have on health? How many hours should one sleep according to age?]

IDTV Indradhanush
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रांची। हर इंसान को स्वस्थ रहने के लिए जिस तरह भोजन, पानी की जरूरत होती है, ठीक उसी प्रकार से उसे पर्याप्त नींद की भी जरूरत होती है। लेकिन, आजकल की भागदौड़ ने लोगों का चैन छीन लिया है।

दिनभर काम के तनाव का सीधा असर उनकी रात की नींद पर पड़ रहा है। नींद का रुटीन चक्र टूटने से इंसान में कई तरह की समस्याएं होने का जोखिम बढ़ता है। यही वजह है कि डॉक्टर हमें पर्याप्त नींद लेने की सलाह देते हैं।

ऐसा करने से न सिर्फ शारीरिक लाभ होगा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। हालांकि, रोज कितना सोना है ये व्यक्ति की उम्र पर डिपेंड करता है।

अब सवाल है कि आखिर उम्र के हिसाब से कितना सोना चाहिए? आइए जानते हैं उम्र के हिसाब से एक व्यक्ति को कितना सोना चाहिए

क्यों जरूरी है पर्याप्त नींद

कई लोग तनाव को दूर रखने के लिए रातभर टीवी या मोबाइल पर सिनेमा देखते हैं या कई लोग दुनियादारी की चिंता में रात की नींद से हाथ धो बैठे हैं। जिसका सीधा असर उनकी स्वास्थ्य पर पड़ता है।

नेशनल स्‍लीप फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, हमेशा सेहतमंद रहने के लिए कम से कम 7 घंटे की रात की नींद जरूरी है। हालांकि, बेहतर हेल्‍थ और ग्रोथ के लिए हर उम्र के लोगों की नींद लेने का समय बदलता रहता है।

उम्र के हिसाब से कितनी नींद जरूरी?

रिपार्ट के मुताबिक, हर उम्र के लोगों के लिए नींद का अलग – अलग पैमाना है। इसके लिए, आप अपनी नींद की अवधि को दो चरणों में यानी दिन-रात के आधार पर बांट सकते हैं।

ये है उम्र के हिसाब से सोने का पैमाना मीटर-

4 से 12 माह के बच्‍चे- 12 से 16 घंटे

1 से 2 साल के बच्‍चे- 11 से 14 घंटे

3 से 5 साल के बच्चे 11 से 14 घंटे

6 से 12 साल के बच्‍चे- 9 से 12 घंटे

13 से 18- 8 से 10 घंटे

18 साल के बाद- कम से कम 7 घंटे

60 साल के बाद- 8 घंटे यानी 1 घंटे की नींद बढ़ सकती है।

पर्याप्त नींद न लेने से कौन कौन से होती है समस्याएं?

हमारी सेहत के लिए जरूरी कामों की तरह पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने से कई बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

डॉक्टरों की मानें तो पर्याप्त नींद न लेने से डायबिटीज, हार्ट रोग और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।

इसके अलावा, कम नींद का असर शरीर की कोशिकाओं पर भी पड़ता है। वहीं, पर्याप्त नींद न लेने से शरीर में मिनिरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं।

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