Health Tips:
क्या आपको अचानक कमर या पीठ से लेकर पैरों तक तेज दर्द होता है? क्या बैठने या खड़े होने में परेशानी महसूस होती है? अगर हां, तो यह संकेत हो सकता है कि आपको स्लिप डिस्क की समस्या है, एक ऐसी स्थिति जो आजकल युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग को तेजी से प्रभावित कर रही है।
क्या है स्लिप डिस्क?
चिकित्सा की भाषा में इसे हर्निएटेड डिस्क कहा जाता है। यह तब होता है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद नरम, कुशन जैसी डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है या फट जाती है। इससे वह आसपास की नसों पर दबाव डालती है, जिससे तेज दर्द, सुन्नता, झनझनाहट और कमजोरी जैसे लक्षण उभरते हैं। यह दर्द अक्सर कमर से शुरू होकर पैरों तक जाता है, जिसे सायटिका भी कहा जाता है।
कमर दर्द को न करें नजरअंदाज
कमर और पीठ दर्द को अक्सर लोग सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह लक्षण स्लिप डिस्क का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। यदि यह दर्द लगातार बना रहे और उसके साथ सुन्नता या चलने-फिरने में कठिनाई हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो जाता है।
Health Tips: किन कारणों से होती है स्लिप डिस्क?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति अधिकतर खराब जीवनशैली और शरीर के गलत उपयोग से उत्पन्न होती है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना या झुकना
- भारी वजन उठाना (खासकर गलत तरीके से)
- बढ़ती उम्र के साथ डिस्क का लचीलापन कम होना
- मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी
- रीढ़ या कमर पर अचानक चोट लगना 6 . लंबे समय तक कब्ज से पीड़ित रहना
किसे ज्यादा खतरा है?
स्लिप डिस्क का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है, जो एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इसमें आईटी प्रोफेशनल्स, ड्राइवर, ऑफिस वर्कर्स, मजदूर, एथलीट्स और जिम जाने वाले युवा शामिल हैं। इसके अलावा जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें भी पीठ पर दबाव के कारण यह समस्या हो सकती है।
Health Tips: लक्षण जो इशारा करते हैं स्लिप डिस्क की ओर-
- कमर से पैरों तक फैला हुआ तेज या जलन जैसा दर्द
- किसी एक पैर में सुन्नता या झनझनाहट
- मांसपेशियों में कमजोरी
- बैठने, झुकने या चलने में कठिनाई
- लंबे समय तक दर्द बने रहना
Health Tips: कैसे करें बचाव?
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नितिन कुमार बताते हैं कि स्लिप डिस्क से बचाव के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव कारगर हो सकते हैं:
- सही मुद्रा में बैठें, कमर सीधी रखें
- हर 30-40 मिनट में कुर्सी से उठें और थोड़ा टहलें
- भारी सामान उठाते समय घुटनों को मोड़ें, कमर पर दबाव न डालें
- नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और बैक एक्सरसाइज करें
- फाइबर युक्त भोजन लें ताकि कब्ज से बचा जा सके
Health Tips: उपचार क्या है?
स्लिप डिस्क का उपचार दर्द और सूजन को कम करने के लिए दवाइयों से शुरू होता है। इसके बाद फिजियोथेरेपी दी जाती है, जिसमें खासतौर पर रीढ़ की मजबूती बढ़ाने वाले व्यायाम शामिल होते हैं। अगर स्थिति गंभीर हो, तो सर्जरी की भी सलाह दी जा सकती है।
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