राजकोट अग्निकांड पर HC ने लिया स्वत: संज्ञान, गेमिंग जोन की कैसे मिली अनुमति

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राजकोट,एजेंसियां: गुजरात के राजकोट में शनिवार को टीआरपी शॉपिंग मॉल के गेमिंग जोन में भीषण आग लगने से 12 बच्चों सहित लगभग 33 लोगों की मौत हो गई। अब तक 33 लोगों की शव बरामद किया जा चुका है।

गुजरात के राजकोट में लगी भीषण आग लगने वाली घटना को गु़जरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।

इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट की स्पेशल ब्रांच के समक्ष सुनवाई हुई। जस्टिस बीरेन वैष्णव और देवेन देसाई की बेंच ने सुनवाई की।

इस दौरान कोर्ट ने कहा कि यह मानव निर्मित आपदा है। इस मामले पर कल यानी सोमवार (27 मई) को सुनवाई होनी है। इसके साथ ही हाई कोर्ट राज्य के गेम जोन पर निर्देश जारी कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि गेमिंग जोन के निर्माण और संचालन के लिए नियमित और उचित नियमों का पालन नहीं किया गया।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अहमदाबाद में सिंधुभवन रोड, सरदार पटेल रिंग रोड और एसजी हाईवे पर गेमिंग जोन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

हाईकोर्ट ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट नगर निगम से स्पष्टीकरण मांगा।

कोर्ट ने कहा कि निगम को ये स्पष्ट करना होगा कि कानून के किस प्रावधान के तहत इस शॉपिंग मॉल के गेमिंग जोन को संचालित करने की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि निगम ये जानकारी एक दिन में मुहैया कराए।

इसके साथ ही कोर्ट ने अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा है।

राजकोट के टीआरपी गेम जोन में लगी को लेकर गुजरात पुलिस की एसआईटी टीम हादसे में मारे गए लोगों की पहचान डीएनए के जरिए किया जा रहा है।

जिसके लिए नमूने एकत्र किये जा रहे हैं। इसके लिए मृतकों के साथ ही एसआईटी ने परिवार या रिश्तेदारों के डीएनए को एकत्र किया जा रहे हैं।

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