नई दिल्ली : खरीफ सत्र में किसानों को मौजूदा कीमतों पर मृदा पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार उर्वरक सब्सिडी पर कुल 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। उर्वरक एवं रसायन मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी।
मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ सत्र 2023-24 के लिए किसानों को फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यूरिया पर 70,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा बजट में पहले ही की जा चुकी है। इस तरह खरीफ सत्र के लिए सरकार का कुल सब्सिडी व्यय बढ़कर 1.08 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।
मांडविया ने मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि उर्वरकों की अधिकतम खुदरा कीमतों (एमआरपी) में इस अवधि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। फिलहाल यूरिया की कीमत 276 रुपये प्रति बोरी है, जबकि डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी पर बिक रही है। उर्वरक सब्सिडी से करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।







